अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी भगवान हनुमान को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर है। धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या में रामलला के दर्शन से पहले हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन करना शुभ माना जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।
मान्यता है कि हनुमान जी अयोध्या की रक्षा करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
सालासर बालाजी
राजस्थान के चूरू जिले में स्थित सालासर बालाजी मंदिर भगवान हनुमान के प्रमुख धामों में से एक है। यहां हनुमान जी की मूर्ति को दाढ़ी और मूंछ वाले स्वरूप में पूजा जाता है, जो इस मंदिर की विशेष पहचान है।
हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा जैसे अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त बालाजी को सिंदूर और चोला अर्पित कर सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करते हैं।
मेहंदीपुर बालाजी
राजस्थान के दौसा जिले में स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भी भगवान हनुमान के प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल है। यहां बालाजी महाराज के साथ भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार की भी पूजा की जाती है।
मंदिर से जुड़ी कई लोकमान्यताएं हैं। श्रद्धालु यहां अपनी परेशानियों से मुक्ति और भगवान बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से दर्शन करते हैं। मंदिर की परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों को स्थानीय आस्था के संदर्भ में ही समझना चाहिए।
तीनों धामों की खासियत
अयोध्या हनुमानगढ़ी — रामनगरी की रक्षा करने वाले बजरंगबली की आस्था का प्रमुख केंद्र।
सालासर बालाजी — दाढ़ी-मूंछ वाले हनुमान स्वरूप के लिए प्रसिद्ध।
मेहंदीपुर बालाजी — बालाजी महाराज, भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार की पूजा के लिए प्रसिद्ध।
जय श्री राम।
जय बजरंगबली।
बालाजी महाराज की जय।

