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Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र बांधते समय न करें ये गलतियां, जानें पुरुषों और शादीशुदा महिलाओं के लिए नियम

Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र बांधते समय न करें ये गलतियां, जानें पुरुषों और शादीशुदा महिलाओं के लिए नियम

अनंत चतुर्दशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनंत सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं, जो भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और जीवन में स्थिरता से जुड़ी मानी जाती हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से अनंत सूत्र धारण करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

हालांकि, अनंत सूत्र बांधते समय कुछ नियमों का ध्यान रखने की परंपरा भी बताई गई है। पुरुषों और महिलाओं के लिए इसे धारण करने की विधि अलग-अलग मानी जाती है।

अनंत सूत्र में 14 गांठों का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं। इन गांठों को भगवान विष्णु के 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। पूजा के दौरान अनंत भगवान का ध्यान करते हुए सूत्र की पूजा की जाती है और इसके बाद इसे धारण किया जाता है।

कई स्थानों पर अनंत सूत्र को लाल या केसरिया रंग के धागे से तैयार किया जाता है। हालांकि, क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें अंतर हो सकता है।

पुरुष किस हाथ में बांधें अनंत सूत्र?

परंपरा के अनुसार पुरुषों को अनंत सूत्र दाहिने हाथ में धारण करने की मान्यता है। पूजा के बाद इसे हाथ में बांधा जाता है। इसे बांधते समय भगवान विष्णु का स्मरण करने और श्रद्धापूर्वक पूजा करने की परंपरा है।

वहीं, कई परिवारों में स्थानीय परंपरा के अनुसार अनंत सूत्र धारण करने की अलग विधि भी हो सकती है। इसलिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यता का पालन करना उचित माना जाता है।

शादीशुदा महिलाएं किस हाथ में बांधें?

कई धार्मिक परंपराओं में महिलाओं के लिए अनंत सूत्र बाएं हाथ में धारण करने की मान्यता बताई जाती है। विवाहित महिलाएं पूजा के बाद इसे श्रद्धापूर्वक धारण करती हैं।

हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और संप्रदायों में नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए अनंत सूत्र धारण करने से पहले पूजा कराने वाले पंडित या अपने परिवार की परंपरा के अनुसार विधि अपनाना उचित रहेगा।

अनंत सूत्र बांधते समय न करें ये गलतियां

अनंत सूत्र को बिना पूजा या श्रद्धा के केवल सामान्य धागे की तरह पहनने से बचने की परंपरा है। इसे धारण करने से पहले भगवान विष्णु की पूजा करने की मान्यता है।

इसे पहनते समय धागे को जानबूझकर तोड़ना या अनादरपूर्वक फेंकना भी उचित नहीं माना जाता। यदि सूत्र टूट जाए या खराब हो जाए तो उसे सम्मानपूर्वक हटाने और धार्मिक परंपरा के अनुसार नया सूत्र धारण करने की सलाह दी जाती है।

अनंत सूत्र को धारण करते समय मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा और व्रत का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि भगवान के प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करना है।

अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र धारण करने की विधि और नियम अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ भिन्न हो सकते हैं। इसलिए किसी विशेष परंपरा का पालन करने वाले लोगों को स्थानीय पंचांग या विद्वान पंडित की सलाह के अनुसार पूजा करना चाहिए।

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