Aja Ekadashi Fast Rules 2026: अजा एकादशी व्रत में इन नियमों का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये काम
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए विशेष माना जाता है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। इस साल अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है।
एकादशी व्रत के दौरान केवल भोजन का त्याग करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि तन और मन की शुद्धता के साथ कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी बताया गया है। आइए जानते हैं अजा एकादशी व्रत के प्रमुख नियम।
एकादशी के दिन चावल न खाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल और अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रती अपनी क्षमता के अनुसार निर्जला व्रत या फलाहार कर सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कठोर उपवास करने से बचना चाहिए।
भगवान विष्णु की पूजा करें
अजा एकादशी पर सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और भगवान विष्णु का ध्यान करें। पूजा के दौरान दीपक जलाएं और भगवान को पीले फूल, फल तथा तुलसी दल अर्पित करें। इसके साथ भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
सात्विक आचरण करें
एकादशी के दिन मन, वचन और कर्म से संयम रखने की परंपरा है। इस दिन झूठ बोलने, क्रोध करने, किसी से विवाद करने और अपशब्द कहने से बचना चाहिए। अधिक से अधिक समय भगवान विष्णु के स्मरण और भक्ति में बिताने का प्रयास करें।
ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें
धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए। व्रती को अपनी दिनचर्या में संयम बनाए रखना और अनावश्यक भौतिक गतिविधियों से मन हटाकर भगवान की आराधना में ध्यान लगाना चाहिए।
जरूरतमंदों को दान करें
अजा एकादशी पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन, फल, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दान-पुण्य से व्रत का आध्यात्मिक महत्व बढ़ता है।
द्वादशी को करें पारण
एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है। इस साल अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा और पारण 8 सितंबर 2026 को किया जाएगा। पारण अपने स्थानीय पंचांग में दिए गए शुभ समय के अनुसार करना उचित माना जाता है।
इन चीजों से भी करें परहेज
एकादशी व्रत के दौरान मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूर रहने की धार्मिक परंपरा है। इसके अलावा तामसिक भोजन और अत्यधिक मसालेदार भोजन से भी बचने की सलाह दी जाती है।

