Adhikmaas Purnima 2026: अधिकमास की पूर्णिमा पर करें भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा, दूर होंगे कष्ट और बरसेगी सुख-समृद्धि
सनातन धर्म में अधिकमास का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में पूजा-पाठ, दान और व्रत करने से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। खासतौर पर अधिकमास की पूर्णिमा को बेहद शुभ और फलदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी दुख और कष्ट दूर हो सकते हैं। साथ ही घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। यही वजह है कि अधिकमास की पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
क्यों खास होती है अधिकमास की पूर्णिमा?
धर्म शास्त्रों के अनुसार, अधिकमास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु हैं। यह महीना आध्यात्मिक साधना, भक्ति और आत्मशुद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अधिकमास की पूर्णिमा पर स्नान, दान और श्रीहरि की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण करने पर व्यक्ति के जीवन में चल रही परेशानियां कम होने लगती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का महत्व
अधिकमास की पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे धन-संपत्ति में वृद्धि होती है और आर्थिक संकट दूर हो सकते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
कई लोग इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप भी करते हैं। माना जाता है कि इससे मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
कैसे करें पूजा?
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
- घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
- पीले फूल, तुलसी दल और भोग अर्पित करें।
- विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
पूर्णिमा पर दान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं में पूर्णिमा के दिन दान को बहुत पुण्यदायी माना गया है। अधिकमास की पूर्णिमा पर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना शुभ फलदायी माना जाता है। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
हालांकि धार्मिक परंपराएं आस्था और विश्वास पर आधारित होती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा की विधियों में अंतर हो सकता है, लेकिन अधिकमास की पूर्णिमा को भगवान विष्णु की भक्

