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Adhik Maas Remedies 2026: अधिक मास में करें ये उपाय, पितृ दोष और गुरु दोष से मिल सकती है राहत

Adhik Maas Remedies 2026: 15 जून तक चलने वाला ज्येष्ठ माह का अधिक मास 2026 पितृ दोष और गुरु दोष निवारण के लिए सबसे अच्छा समय है। जानें मलमास में तर्पण, गीता पाठ, दान और मंत्र जाप जैसे प्रभावी उपाय, जो इन दोषों के बुरे प्रभावों से राहत दिलाते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह का अधिक मास 2026 धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। यह अधिक मास 15 जून 2026 तक रहेगा। सनातन परंपरा में अधिक मास, जिसे मलमास भी कहा जाता है, पूजा-पाठ, दान, जप और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह समय पितृ दोष और गुरु दोष के निवारण के लिए भी उत्तम माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान किए गए धार्मिक उपायों का विशेष फल प्राप्त हो सकता है।

पितृ दोष से राहत के लिए करें ये उपाय

तर्पण और पितरों का स्मरण

अधिक मास में पितरों के निमित्त तर्पण करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

जरूरतमंदों को दान

गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करने की परंपरा बताई गई है। इसे पितृ शांति के लिए लाभकारी माना जाता है।

गुरु दोष कम करने के उपाय

गीता पाठ करें

अधिक मास में श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

विष्णु पूजा और मंत्र जाप

भगवान विष्णु की पूजा और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। इसे गुरु दोष शांत करने में सहायक माना जाता है।

पीली वस्तुओं का दान

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल या केले का दान करना शुभ माना जाता है।

अधिक मास में क्या करें?

  • नियमित पूजा और ध्यान करें
  • धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें
  • क्रोध और विवाद से बचें
  • सात्विक भोजन ग्रहण करें

किन बातों से बचने की सलाह दी जाती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश और बड़े मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि अलग-अलग परंपराओं में मान्यताएं भिन्न हो सकती हैं।

ये सभी उपाय धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ करना शुभ माना जाता है।

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