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भक्ति का अनोखा रूप... रामेश्वरम से 2100 किमी दौड़कर इंदौर पहुंचेगी 'डाक कावड़', 171 घंटे में पूरी होगी यात्रा

भक्ति का अनोखा रूप... रामेश्वरम से 2100 किमी दौड़कर इंदौर पहुंचेगी 'डाक कावड़', 171 घंटे में पूरी होगी यात्रा

सावन माह में भगवान शिव की भक्ति के अनोखे और प्रेरणादायक स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में इंदौर की नॉनस्टॉप सीताराम डाक कांवड़ यात्रा एक बार फिर श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस वर्ष कांवड़िये तमिलनाडु के पवित्र रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग से करीब 2100 किलोमीटर की दूरी तय कर दौड़ते हुए इंदौर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यह कठिन और लंबी यात्रा श्रद्धा, संकल्प और समर्पण का अनूठा उदाहरण मानी जा रही है। कांवड़ यात्रियों का लक्ष्य इस पूरी दूरी को बिना रुके 171 घंटे में पूरा करना है।

171 घंटे में पूरी होगी कठिन यात्रा

डाक कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसका नॉनस्टॉप स्वरूप है। कांवड़िये पूरी यात्रा के दौरान रिले सिस्टम के माध्यम से लगातार दौड़ते हुए आगे बढ़ते हैं, जिससे यात्रा बिना रुके जारी रहती है।करीब 2100 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को महज 171 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। श्रद्धालु पूरे रास्ते भगवान शिव के जयकारों और भजनों के साथ अपनी आस्था का परिचय देते हुए आगे बढ़ेंगे।

इंदौर पहुंचकर करेंगे जलाभिषेक

रामेश्वरम से पवित्र जल लेकर आने वाले कांवड़िये इंदौर पहुंचने के बाद स्कीम नंबर-78 स्थित अरण्यधाम संत आश्रम के राम-रामेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में ज्योतिर्लिंग से लाए गए पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।

आस्था और संकल्प का अनोखा संगम

डाक कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि अनुशासन, शारीरिक क्षमता और अटूट आस्था का भी प्रतीक है। हजारों किलोमीटर की यह यात्रा कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास को दर्शाती है।हर वर्ष बड़ी संख्या में शिवभक्त इस यात्रा में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। सावन के पावन महीने में निकलने वाली यह यात्रा इंदौर और आसपास के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है।

श्रद्धालुओं में उत्साह

यात्रा को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह है। इंदौर में कांवड़ियों के स्वागत और जलाभिषेक की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि निर्धारित समय में यात्रा पूरी कर भगवान राम-रामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा और सावन के इस पावन अवसर पर शिवभक्ति का अद्भुत संदेश पूरे क्षेत्र में प्रसारित होगा।

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