मुख्य द्वार के पास रखा शू रैक बन सकता है परेशानी की वजह! जानें सही दिशा और जरूरी नियम
घर को व्यवस्थित रखने के लिए लोग अक्सर मुख्य दरवाजे के पास शू रैक रखते हैं। इससे जूते-चप्पल इधर-उधर फैले नहीं रहते और घर साफ-सुथरा दिखाई देता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर शू रैक गलत दिशा या गलत तरीके से रखा जाए तो इसका नकारात्मक असर घर के वातावरण और सुख-शांति पर पड़ सकता है।
मुख्य द्वार पर शू रैक रखने से हो सकते हैं ये नुकसान
1. घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है
वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार से ही सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। ऐसे में दरवाजे के ठीक सामने या बिल्कुल पास जूते-चप्पल रखने से नकारात्मकता बढ़ सकती है।
2. मानसिक तनाव और अशांति
कहा जाता है कि गलत दिशा में रखा शू रैक परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और मनमुटाव का कारण बन सकता है। इससे घर का माहौल भी प्रभावित हो सकता है।
3. आर्थिक परेशानियों का संकेत
वास्तु शास्त्र में जूतों को धूल और बाहर की नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इन्हें गलत जगह रखने से आर्थिक रुकावटें आने की मान्यता भी बताई जाती है।
शू रैक रखने की सही दिशा क्या है?
- वास्तु के अनुसार शू रैक को घर की दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखना बेहतर माना जाता है।
- इसे कभी भी मुख्य दरवाजे के ठीक सामने नहीं रखना चाहिए।
- उत्तर-पूर्व दिशा में शू रैक रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे शुभ दिशा माना जाता है।
शू रैक रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
- जूते-चप्पलों को हमेशा व्यवस्थित तरीके से रखें।
- टूटी या खराब चप्पलों को लंबे समय तक घर में जमा न करें।
- खुला शू रैक रखने की बजाय बंद कैबिनेट वाला रैक बेहतर माना जाता है।
- पूजा घर या रसोई के पास जूते-चप्पल रखने से बचें।
हालांकि ये बातें वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें मानना या न मानना व्यक्ति की व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।

