Samachar Nama
×

रोग, कर्ज, चिंता और परेशानियों से चाहते हैं छुटकारा, तो रोज़ करें गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ

recite gopal sahastranaam stotra path on everyday

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में पूजा पाठ के साथ साथ मंत्र स्त्रोतों को भी बहुत ही प्रभावली माना जाता है मान्यता है कि देवी देवताओं को समर्पित स्त्रोत मंत्र का पाठ करने से ईश्वर प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा करते हैं और उनकी परेशानियों को दूर कर देते हैं ऐसे में अगर आप रोज, कर्ज, चिंता और परेशानियों से घिरे हुए है और इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं

recite gopal sahastranaam stotra path on everyday

तो रोजाना भगवान श्री ​कृष्ण का ध्यान करते हुए आप श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत्र का पाठ कर सकते हैं इसका पाठ आपकी हर परेशानी को दूर करेंगा और जीवन में सुख शांति व समृद्धि लेकर आएगा तो आज हम आपके लिए लेकर आए है संपूर्ण गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत पाठ, तो आइए जानते हैं। 

recite gopal sahastranaam stotra path on everyday

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत—

कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्ष:स्थले कौस्तुभं
नासाग्रे वरमौत्तिकं करतले वेणुं करे कंकणम ।
सर्वाड़्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलि –
र्गोपस्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणि: ।।1।।

फुल्लेन्दीवरकान्तिमिन्दुवदनं बर्हावतंसप्रियं
श्रीवत्साड़्कमुदारकौस्तुभधरं पीताम्बरं सुन्दरम ।
गोपीनां नयनोत्पलार्चिततनुं गोगोपसंघावृतं
गोविन्दं कलवेणुवादनपरं दिव्याड़्गभूषं भजे ।।2।।

ऊँ क्लीं देव: कामदेव: कामबीजशिरोमणि: ।
श्रीगोपालको महीपाल: सर्वव्र्दान्तपरग: ।।1।।

धरणीपालको धन्य: पुण्डरीक: सनातन: ।
गोपतिर्भूपति: शास्ता प्रहर्ता विश्वतोमुख: ।।2।।

आदिकर्ता महाकर्ता महाकाल: प्रतापवान ।
जगज्जीवो जगद्धाता जगद्भर्ता जगद्वसु: ।।3।।

मत्स्यो भीम: कुहूभर्ता हर्ता वाराहमूर्तिमान ।
नारायणो ह्रषीकेशो गोविन्दो गरुडध्वज: ।।4।।

गोकुलेन्द्रो महाचन्द्र: शर्वरीप्रियकारक: ।
कमलामुखलोलाक्ष: पुण्डरीक शुभावह: ।।5।।

दुर्वासा: कपीलो भौम: सिन्धुसागरसड़्गम: ।
गोविन्दो गोपतिर्गोत्र: कालिन्दीप्रेमपूरक: ।।6।।

गोपस्वामी गोकुलेन्द्रो गोवर्धनवरप्रद: ।
नन्दादिगोकुलत्राता दाता दारिद्रयभंजन: ।।7।।

सर्वमंगलदाता च सर्वकामप्रदायक: ।
आदिकर्ता महीभर्ता सर्वसागरसिन्धुज: ।।8।।

गजगामी गजोद्धारी कामी कामकलानिधि: ।
कलंकरहितश्चन्द्रो बिम्बास्यो बिम्बसत्तम: ।।9।।

recite gopal sahastranaam stotra path on everyday

मालाकार: कृपाकार: कोकिलास्वरभूषण: ।
रामो नीलाम्बरो देवो हली दुर्दममर्दन: ।।10।।

सहस्राक्षपुरीभेत्ता महामारीविनाशन: ।
शिव: शिवतमो भेत्ता बलारातिप्रपूजक: ।।11।।

कुमारीवरदायी च वरेण्यो मीनकेतन: ।
नरो नारायणो धीरो राधापतिरुदारधी: ।।12।।

श्रीपति: श्रीनिधि: श्रीमान मापति: प्रतिराजहा ।
वृन्दापति: कुलग्रामी धामी ब्रह्मसनातन: ।।13।।

रेवतीरमणो रामाश्चंचलश्चारुलोचन: ।
रामायणशरीरोsयं रामी राम: श्रिय:पति: ।।14।।

शर्वर: शर्वरी शर्व: सर्वत्रशुभदायक: ।
राधाराधायितो राधी राधाचित्तप्रमोदक: ।।15।।

राधारतिसुखोपेतो राधामोहनतत्पर: ।
राधावशीकरो राधाह्रदयांभोजषट्पद: ।।16।।

राधालिंगनसंमोहो राधानर्तनकौतुक: ।
राधासंजातसम्प्रीती राधाकामफलप्रद: ।।17।।

वृन्दापति: कोशनिधिर्लोकशोकविनाशक: ।
चन्द्रापतिश्चन्द्रपतिश्चण्डकोदण्दभंजन: ।।18।।

रामो दाशरथी रामो भृगुवंशसमुदभव: ।
आत्मारामो जितक्रोधो मोहो मोहान्धभंजन ।।19।।

वृषभानुर्भवो भाव: काश्यपि: करुणानिधि: ।
कोलाहलो हली हाली हेली हलधरप्रिय: ।।20।।

recite gopal sahastranaam stotra path on everyday

Share this story