नवरात्रि व्रत के 9 नियम जो बदल देंगे आपकी पूजा का फल! जानें क्या खाएं, क्या न खाएं और किन बातों से बचें
शारदीय नवरात्रि का पर्व इस साल 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की उपासना और साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि व्रत के दौरान खानपान के साथ-साथ जीवनशैली और आचरण से जुड़े कुछ नियमों का पालन भी किया जाता है। देवी भागवत पुराण में भी व्रत के दौरान खानपान और शयन से जुड़े नियमों का उल्लेख मिलता है।अगर आप भी नवरात्रि का व्रत रखने जा रहे हैं तो जानिए किन चीजों का सेवन किया जा सकता है और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
1. व्रत से पहले लें संकल्प
नवरात्रि व्रत शुरू करने से पहले मां दुर्गा का आह्वान करके व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्प लेते हैं।
2. कैसे रखें नवरात्रि का व्रत?
नवरात्रि में व्रत रखने के अलग-अलग तरीके प्रचलित हैं। कई लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं, जबकि कुछ लोग दिन में एक समय भोजन करते हैं। कुछ श्रद्धालु केवल फल और पानी के सहारे भी व्रत रखते हैं।
व्रत का तरीका व्यक्ति अपनी परंपरा, आस्था और स्वास्थ्य के अनुसार तय कर सकता है।
3. व्रत में क्या खा सकते हैं?
नवरात्रि के दौरान आमतौर पर फलाहार में कई चीजों का सेवन किया जाता है। इनमें कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, सामक के चावल, फल, मेवा, दूध, दही, शकरकंद और आलू जैसी चीजें शामिल हैं।
हालांकि अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में व्रत के खानपान की परंपराएं अलग हो सकती हैं।
4. किन चीजों से करें परहेज?
नवरात्रि व्रत के दौरान आमतौर पर गेहूं, सामान्य चावल, दाल, प्याज, लहसुन और मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं किया जाता। कई लोग व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत में सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है।
5. ब्रह्मचर्य का पालन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इन दिनों अपना अधिक से अधिक समय पूजा-पाठ और माता की साधना में लगाने की परंपरा है।
6. क्रोध और झूठ से बचें
नवरात्रि को केवल खानपान का व्रत नहीं माना जाता, बल्कि मन और व्यवहार को भी संयमित रखने की सलाह दी जाती है। इसलिए इन दिनों क्रोध, झूठ और गलत आचरण से बचने की बात कही जाती है।
7. दिन में सोने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दौरान दिन में सोने से बचना चाहिए। श्रद्धालुओं को अपना समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक गतिविधियों में लगाने की सलाह दी जाती है।
8. बाल और नाखून काटने से परहेज
नवरात्रि के दौरान कई परिवारों में बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से परहेज करने की परंपरा है। हालांकि यह नियम अलग-अलग धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकता है।
9. सुबह-शाम करें माता की पूजा
नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह और शाम मां दुर्गा की पूजा करने की परंपरा है। रोजाना माता रानी को भोग लगाया जाता है और श्रद्धा के साथ आरती की जाती है।
इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्र जाप और माता की आराधना करना भी शुभ माना जाता है।
ध्यान रखें
नवरात्रि व्रत के नियम धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। अगर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो लंबे समय तक उपवास या भोजन में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

