MP के 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले मिल सकता है तोहफा, 5% DA-DR बढ़ोतरी की उम्मीद
मध्यप्रदेश के करीब 12 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर फैसला ले सकती है। इसे लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार से इस संबंध में जल्द घोषणा किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से 5 प्रतिशत बढ़ोतरी को लेकर आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
58 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है DA-DR
मध्यप्रदेश में फिलहाल सातवें वेतनमान के तहत सरकारी कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वहीं, पेंशनर्स को भी 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि राज्य सरकार महंगाई भत्ते और राहत में कुल 5 प्रतिशत की वृद्धि करे।
यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है। इसी तरह पात्र पेंशनर्स की महंगाई राहत भी 63 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी और इसके लागू होने की तारीख सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
जनवरी और जुलाई 2026 की किस्तों को लेकर मांग
कर्मचारी संगठनों की ओर से जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत और जुलाई 2026 से 3 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। दोनों किस्तों को मिलाकर कुल 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग उठाई गई है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनर्स को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अंतर होने से प्रदेश के कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की जा रही है।
सैलरी और पेंशन में कितना होगा फायदा?
अगर मध्यप्रदेश सरकार 5 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की मासिक सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में मिलने वाली महंगाई राहत की राशि बढ़ जाएगी। हालांकि, सभी कर्मचारियों को समान राशि का फायदा नहीं मिलेगा। इसका वास्तविक लाभ संबंधित कर्मचारी के मूल वेतन और पेंशन की पात्र राशि पर निर्भर करेगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो 5 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते के हिसाब से उसे हर महीने 1,500 रुपये अधिक मिल सकते हैं। इसी तरह 20,000 रुपये की पात्र मूल पेंशन पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत मिलने से मासिक राहत 1,000 रुपये बढ़ सकती है। ये गणनाएं केवल उदाहरण हैं; वास्तविक लाभ संबंधित नियमों और स्वीकृत दर के अनुसार तय होगा।
मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी निगाहें
दिवाली से पहले महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है। अब कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संभावित फैसले पर टिकी हैं।
फिलहाल 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की चर्चा और मांग के बीच आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बढ़ोतरी कितनी होगी, कब से लागू होगी और एरियर का भुगतान किस तरह किया जाएगा।

