ट्रम्प के खिलाफ बयान देकर फंसे जेलेंस्की? वीडियो में जाने अमेरिकी राष्ट्रपति के दूतों ने बंद कमरे में लगाई फटकार, सफाई देने लगे यूक्रेनी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मंगलवार को हुई एक बंद कमरे की बैठक के दौरान ट्रम्प के प्रतिनिधियों ने जेलेंस्की को उनके बयानों को लेकर फटकार लगाई। अमेरिकी प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने कथित तौर पर कहा कि ट्रम्प के खिलाफ दिए गए बयानों से अमेरिकी राष्ट्रपति नाराज हैं। इसके बाद जेलेंस्की ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ट्रम्प के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं कहा है।इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों और यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन को लेकर चल रही चर्चा को फिर तेज कर दिया है। हालांकि, बैठक में हुई बातचीत का विवरण उपलब्ध रिपोर्ट के हवाले से सामने आया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ओस्लो की बैठक में क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को ओस्लो में हुई बंद कमरे की बैठक में अमेरिकी पक्ष की ओर से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हुए। विटकॉफ मध्य पूर्व मामलों में ट्रम्प के विशेष दूत हैं, जबकि कुशनर अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद हैं।बैठक के दौरान दोनों प्रतिनिधियों ने कथित तौर पर जेलेंस्की से कहा कि उनके बयानों ने ट्रम्प को नाराज कर दिया है। इस पर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपनी सफाई पेश की और कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की।बैठक में हुई इस कथित बातचीत से संकेत मिलता है कि ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच सार्वजनिक बयानों को लेकर तनाव का असर पर्दे के पीछे की कूटनीतिक बातचीत पर भी पड़ रहा है।
रूस से तेल खरीद और प्रतिबंधों पर बढ़ा विवाद
ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच इस महीने कई मुद्दों पर बयानबाजी हुई है। इनमें रूस से डीजल खरीदने को लेकर अमेरिकी फैसले, रूस पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में ढील और यूक्रेन को दी जाने वाली अमेरिकी सहायता सीमित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।यूक्रेन लंबे समय से रूस के खिलाफ युद्ध में पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका की सैन्य और आर्थिक सहायता पर निर्भर रहा है। ऐसे में अमेरिकी नीति में बदलाव या सहायता सीमित किए जाने की संभावना कीव के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है।दूसरी ओर, रूस पर प्रतिबंधों में संभावित ढील और ऊर्जा व्यापार से जुड़े फैसले भी यूक्रेन की रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। इन मुद्दों पर दोनों नेताओं के अलग-अलग रुख ने उनके बीच मतभेदों को उजागर किया है।
ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध क्यों हैं अहम?
अमेरिका और यूक्रेन के संबंध रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका की सैन्य सहायता, आर्थिक सहयोग और रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े फैसलों का युद्ध की दिशा पर असर पड़ सकता है।ट्रम्प प्रशासन की रूस और यूक्रेन को लेकर नीतियां इसलिए भी चर्चा में रहती हैं, क्योंकि इनके जरिए युद्ध समाप्त करने के प्रयासों, प्रतिबंधों और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फैसले प्रभावित हो सकते हैं।जेलेंस्की के लिए अमेरिकी समर्थन बनाए रखना महत्वपूर्ण है, जबकि ट्रम्प प्रशासन यूक्रेन नीति को अपने कूटनीतिक और रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप आगे बढ़ाना चाहता है।
आगे क्या होगा?
ओस्लो की बैठक में कथित तौर पर हुई बातचीत ने दोनों नेताओं के बीच जारी मतभेदों को फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, बंद कमरे में हुई चर्चा का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं है और दोनों पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल, रूस से जुड़े ऊर्जा और प्रतिबंधों के मुद्दे तथा यूक्रेन को अमेरिकी सहायता का भविष्य दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम बने हुए हैं। आने वाले समय में इन मुद्दों पर ट्रम्प और जेलेंस्की का रुख यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देशों के बीच सहयोग किस दिशा में आगे बढ़ता है।