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शी जिनपिंग का अमेरिका में भव्य स्वागत, ट्रंप खुद पहुंचे एयरपोर्ट; ट्रेड से लेकर AI तक कई मुद्दों पर होगी बात

 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर पहुंचे हैं, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका बेहद खास अंदाज में स्वागत किया। शी के अमेरिका पहुंचने पर ट्रंप खुद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पहुंचे और चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर साथ खड़े रहे।

शी जिनपिंग के स्वागत के लिए अमेरिकी सैन्य बैंड ने प्रस्तुति दी। औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान सैन्य सम्मान भी दिया गया। इसके अलावा दो B-1 बॉम्बर विमानों ने नेताओं के ऊपर से फ्लाईपास्ट किया। यह स्वागत अमेरिका-चीन संबंधों में इस समय चल रही जटिलताओं के बीच काफी हाई-प्रोफाइल रहा।

ट्रंप के लिए क्यों अहम है शी का दौरा?

शी जिनपिंग का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, ताइवान और ईरान जैसे कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव को कम रखने के लिए चल रही ट्रेड ट्रूस को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, यह व्यवस्था अब जनवरी 2027 तक बढ़ाई जा रही है।

ट्रंप और शी की यह 2026 में दूसरी आमने-सामने मुलाकात है। इससे पहले ट्रंप मई में चीन गए थे। उस दौरे के दौरान शी ने एयरपोर्ट पर ट्रंप का व्यक्तिगत रूप से स्वागत नहीं किया था। इस बार ट्रंप का खुद एयरपोर्ट पहुंचना दोनों नेताओं की बैठक के महत्व को दिखाने वाला प्रोटोकॉल संकेत माना जा रहा है।

किन मुद्दों पर होगी ट्रंप-शी की बातचीत?

दोनों नेताओं की बातचीत में सबसे अहम मुद्दा व्यापार और टैरिफ रहने की उम्मीद है। अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापार विवाद को नियंत्रित रखने के लिए दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं।

इसके अलावा दुर्लभ खनिज यानी रेयर अर्थ मिनरल्स, अमेरिकी तकनीकी निर्यात प्रतिबंध और चीन की ओर से अमेरिकी सामानों की खरीद जैसे मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं। रेयर अर्थ मिनरल्स वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और कई हाई-टेक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ताइवान भी रहेगा बड़ा मुद्दा

ट्रंप-शी बातचीत में ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक हो सकता है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियारों की बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है।

रॉयटर्स के मुताबिक, शी जिनपिंग अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने का मुद्दा उठा सकते हैं। वहीं अमेरिकी नीति में ताइवान की आत्मरक्षा के समर्थन से जुड़े प्रावधान भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने रहने की संभावना है।

ईरान और AI पर भी नजर

अमेरिका-ईरान संघर्ष भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन इस मुद्दे पर अमेरिका को किसी तरह की मदद या मध्यस्थता देगा या नहीं।

इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI दोनों देशों के बीच बातचीत का एक और अहम विषय है। अमेरिका और चीन AI तकनीक में लगातार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच AI से जुड़े जोखिम, सुरक्षा और तकनीकी विकास को लेकर बातचीत की संभावना है।

स्टेट डिनर में जुटेंगे टेक जगत के बड़े नाम

शी जिनपिंग के सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें अमेरिका के बड़े टेक और कारोबारी क्षेत्र के कई दिग्गजों के शामिल होने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम में Apple, Nvidia, OpenAI, Google और दूसरी बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों के शामिल होने की खबर है। इसका एक उद्देश्य अमेरिका-चीन के बीच व्यापार और तकनीकी संबंधों की अहमियत को भी सामने लाना है।

बड़े समझौते की उम्मीद, लेकिन मतभेद भी कायम

शी जिनपिंग के दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश जरूर हो रही है, लेकिन ताइवान, तकनीकी प्रतिबंध, AI और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर मतभेद अभी भी मौजूद हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक से किसी बड़े और व्यापक समझौते की उम्मीद सीमित है। दोनों पक्ष फिलहाल व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने और रिश्तों में तनाव को नियंत्रित करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

शी जिनपिंग का तीन दिवसीय अमेरिका दौरा 25 सितंबर को समाप्त होगा। इस दौरान होने वाली बैठकों और संभावित घोषणाओं पर अमेरिका, चीन और वैश्विक बाजारों की नजर बनी हुई है।