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"जहाँ से उठी जल-प्रलय, वहीं उतरा हेलीकॉप्टर!" नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर ब्लास्ट का खौफनाक दृश्य कैमरे में कैद

 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा और नुवाकोट समेत आसपास के इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया। बाढ़ की तेज धार में कई घर, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं बह गईं। हादसे में अब तक करीब 162 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें विदेशी नागरिक और पर्यटक भी शामिल हैं।

इस प्राकृतिक आपदा के पीछे आखिर इतनी बड़ी मात्रा में पानी कहां से आया, इसे लेकर अब नई जानकारी सामने आई है। चीन के एक हेलीकॉप्टर ने उस ऊंचाई वाले इलाके का हवाई सर्वे किया, जहां से बाढ़ के पानी के निकलने की बात कही जा रही है। इस सर्वे के दौरान ग्लेशियर और उसके आसपास के इलाके की तस्वीरें सामने आई हैं।

चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। pic.twitter.com/tVlN81F2j6

— Mohammad Shadab محمد شاداب 🇮🇳🇸🇦 (@marshalshadab) August 27, 2026

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ग्लेशियर टूटने से निकला पानी?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ऊंचे पहाड़ों के बीच बर्फ से ढका इलाका दिखाई दे रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और उसके आसपास जमा पानी के अचानक बाहर निकलने से नीचे की ओर पानी का तेज बहाव शुरू हुआ।

बताया जा रहा है कि ग्लेशियर के नीचे और आसपास पानी जमा होने के कारण एक झील जैसी स्थिति बन गई थी। पानी का दबाव बढ़ने के बाद बर्फ और ग्लेशियर के हिस्से टूटे और पानी बेहद तेज गति से नीचे की ओर बहने लगा। इस दौरान पानी अपने साथ बर्फ और मलबे के बड़े टुकड़े भी लेकर आगे बढ़ा।

करीब 36 घंटे में खाली हो गई झील?

वायरल वीडियो में बताया गया है कि ग्लेशियर के पास बनी झील करीब 36 घंटे के भीतर खाली हो गई। पानी के तेज बहाव ने पहाड़ी क्षेत्र से नीचे की तरफ रास्ता बनाया और आगे चलकर इसका असर भोटेकोशी नदी पर पड़ा।

हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया और बाढ़ के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक और आधिकारिक जांच जरूरी है। वायरल वीडियो में किए गए दावों को अंतिम निष्कर्ष मानने से पहले विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

नेपाल में मची भारी तबाही

भोटेकोशी नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव की चपेट में कई बस्तियां आईं। सड़क संपर्क टूट गया और कई पुल पानी में बह गए। बिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। लापता लोगों की तलाश भी जारी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

चीन के हेलीकॉप्टर से सामने आए हवाई दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में जिस तरह पहाड़ों के बीच से पानी बहता नजर आ रहा है, उसे देखकर लोग हैरान हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर ऊंचाई वाले इलाकों में बनी ग्लेशियल झीलों की समय रहते निगरानी की जाए तो भविष्य में ऐसी आपदाओं के खतरे को कम किया जा सकता है।

कुछ लोगों ने इस घटना को हिमालयी क्षेत्र में बदलते मौसम और ग्लेशियरों में हो रहे बदलाव से भी जोड़कर देखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों और ग्लेशियरों की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अचानक झील टूटने या ग्लेशियर से पानी निकलने की घटनाएं निचले इलाकों में भारी तबाही ला सकती हैं।