'हम कभी नहीं भूलेंगे...' चीन ने भारतीय जवानों को क्यों किया सलाम? वजह जानकर होगी हैरानी
चीनी सेना की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के मौके पर चीन ने भारतीय सेना का आभार जताया है। भारत में चीन के डिफेंस अटैची, रियर एडमिरल यू जियान ने मंगलवार, 21 जुलाई को यह बात कही। उन्होंने भारतीय सेना को धन्यवाद दिया कि पिछले साल केरल के तट पर आग लगने और विस्फोट के बाद एक कार्गो जहाज से 12 चीनी क्रू सदस्यों को बचाया गया था। उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर बातचीत और सहयोग की ज़रूरत पर भी बात की। चीन का यह अहम कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सीमा विवाद को लेकर तनाव के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हो रहे हैं।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए रियर एडमिरल यू जियान ने कहा, "चीन और भारत अहम पड़ोसी हैं, और दोनों ही विकास और बदलाव के एक अहम दौर से गुज़र रहे हैं। हमें खुशी है कि हमारे नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में, चीन-भारत संबंध सुधार और विकास की सही राह पर लौट आए हैं।" ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने आगे कहा, "हम यह नहीं भूलेंगे कि पिछले साल जून में, भारतीय सेना ने केरल तट पर आग लगने और विस्फोट के बाद एक कार्गो जहाज से 12 चीनी क्रू सदस्यों को बचाया था।"
**भारत-चीन संबंधों पर ज़ोर**
चीनी डिफेंस अटैची ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में दोनों देशों की सेनाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। यू ने कहा, "हमें याद रखना चाहिए कि चीनी और भारतीय सेनाओं ने UN शांति अभियानों में बेहतरीन योगदान दिया है और बड़ी कुर्बानियां दी हैं। हमारा हमेशा से मानना रहा है कि हमारे आपसी हित हमारे मतभेदों से कहीं ज़्यादा अहम हैं।"
भारत के साथ सैन्य सहयोग को और मज़बूत करने की चीनी सरकार की इच्छा ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा, "हम भारतीय पक्ष के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं ताकि कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के ज़रिए बातचीत जारी रखी जा सके, आपसी भरोसा बढ़ाया जा सके, बातचीत के ज़रिए सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके और चीन व भारत के लोगों की भलाई में योगदान दिया जा सके।" अपना भाषण खत्म करते हुए चीनी डिफेंस अटैची ने कहा, "मैं चीन-भारत संबंधों में लगातार सुधार की उम्मीद करता हूं।" ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकातों और दोनों पक्षों के आला अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद भारत-चीन संबंधों में लगातार सकारात्मक गति देखी गई है। नई दिल्ली और बीजिंग ने एक रचनात्मक और उम्मीद भरे भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने के मकसद से बातचीत शुरू कर दी है।