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वीडियो में देखें ईरान में जासूसी के आरोप में फांसी, इजराइल पर मिसाइल हमले से तनाव बढ़ा

 

ईरान में हाल ही में एक व्यक्ति को इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी दे दी गई है। तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने देश के संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें और महत्वपूर्ण जानकारी मोसाद को भेजी थी। यह मामला तब सामने आया जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर था।

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अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को पिछले साल जून में सवजबलाघ शहर से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय ईरान और इजराइल के बीच एक 12 दिन का युद्ध चल रहा था, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भारी चिंता बनी हुई थी। जांच में पता चला कि आरोपी को स्वीडन से ऑनलाइन भर्ती किया गया था और एक ट्रैवल लिंक के जरिए उससे संपर्क किया गया था। इस मामले ने इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष की जटिलता को और बढ़ा दिया है।

इसी बीच, ईरान ने अपने बड़े नेता अली लारिजानी की मौत के बाद इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल अटैक किया। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान दिया कि उसने इजराइल पर 'खोर्रमशहर-4' जैसी मिसाइलें दागी हैं। IRGC ने कहा कि ये हमले इजराइल की सुरक्षा क्षमताओं पर नजर रखने और जवाबी कार्रवाई के रूप में किए गए।

इजराइल ने कहा कि उसने कई मिसाइलों को हवा में रोक लिया, लेकिन कुछ मिसाइलों के मलबे से शहरों में हादसे हुए। इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इस घटना ने इजराइल की नागरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और वहां की सरकार ने आपातकालीन तैयारियों को तेज कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष अब केवल सीमित सैन्य हमले तक ही सीमित नहीं रहा है। जासूसी, ऑनलाइन भर्ती और रणनीतिक मिसाइल हमले ने इसे एक बहुआयामी युद्ध में बदल दिया है। क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि ईरान और इजराइल के बीच यह तनाव लंबे समय तक जारी रह सकता है, जिससे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर असर पड़ेगा।

ईरान में जासूसी के आरोप में फांसी की यह कार्रवाई और इजराइल पर मिसाइल हमले का सिलसिला दोनों देशों के बीच भरोसे और कूटनीति को चुनौती दे रहा है। साथ ही, यह युद्ध स्थानीय नागरिकों के लिए भी एक गंभीर खतरा बन गया है, क्योंकि शहरों में मिसाइल हमलों से जीवन और संपत्ति को नुकसान हो रहा है।

विशेष रूप से यह ध्यान देने योग्य है कि ऑनलाइन माध्यमों से जासूसों को भर्ती करना और संवेदनशील जानकारी का आदान‑प्रदान अब युद्ध का एक नया पहलू बन चुका है। यह संकेत करता है कि आधुनिक युद्ध में साइबर और इंटेलिजेंस ऑपरेशंस की भूमिका सैन्य हमलों जितनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।