अमेरिका में आज मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग: संसद की 470 सीटों पर होगा मतदान, वीडियो में जाने ट्रम्प की प्रतिष्ठा दांव पर; बहुमत गंवाया तो मुश्किलें बढ़ेंगी
अमेरिका में आज मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान होगा। भारतीय समय के मुताबिक मतदान शाम 4:30 बजे शुरू होगा। इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर और अन्य स्थानीय पदों के लिए भी चुनाव होंगे।इन चुनावों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बहुमत है। ऐसे में चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि ट्रम्प की पार्टी संसद में अपना नियंत्रण बरकरार रख पाती है या नहीं।अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा या सीनेट में से किसी एक सदन में भी बहुमत गंवा देती है, तो राष्ट्रपतिट्रम्प के लिए अपने एजेंडे से जुड़े कानूनों को पास कराना मुश्किल हो सकता है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को भी इन चुनावों से संसद में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा।
क्या होते हैं अमेरिका के मिडटर्म चुनाव?
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हर चार साल में होते हैं। राष्ट्रपति चुनाव के ठीक दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इन्हें मध्यावधि चुनाव भी कहा जाता है, क्योंकि ये राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं।इन चुनावों में अमेरिकी संसद के सदस्यों के अलावा कुछ राज्यों में गवर्नर और स्थानीय प्रतिनिधियों का भी चुनाव होता है। इनका सीधा असर राष्ट्रपति के बाकी बचे दो साल के कार्यकाल पर पड़ सकता है।
मिडटर्म चुनाव के नतीजों से यह भी पता चलता है कि राष्ट्रपति की नीतियों और कामकाज को लेकर मतदाताओं का रुख क्या है। हालांकि, ये चुनाव सीधे राष्ट्रपति का चुनाव नहीं करते, लेकिन इनके परिणाम सरकार की राजनीतिक ताकत को प्रभावित करते हैं।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर चुनाव
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सदस्य होते हैं। इन सभी सीटों पर मिडटर्म चुनाव के दौरान मतदान कराया जाता है।इस सदन में बहुमत हासिल करने के लिए किसी पार्टी को कम से कम 218 सीटों की जरूरत होती है। प्रतिनिधि सभा में पास होने वाले कई विधेयकों को कानून बनने के लिए आगे सीनेट की मंजूरी भी लेनी पड़ती है।
सीनेट की 35 सीटों पर भी होगा मुकाबला
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं। इनमें से हर दो साल में लगभग एक तिहाई सीटों पर चुनाव कराया जाता है। इस बार 35 सीटों पर मतदान होना है।सीनेट में सामान्य बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है। हालांकि, उपराष्ट्रपति के पास बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट देने का अधिकार होता है। इसलिए सदन में राजनीतिक समीकरण बहुमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बहुमत गंवाने पर ट्रम्प के सामने आएंगी चुनौतियां
फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत है। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी किसी एक सदन में भी बहुमत हासिल कर लेती है, तो ट्रम्प प्रशासन के लिए नए कानूनों को मंजूरी दिलाना कठिन हो सकता है।इसके अलावा विपक्ष को संसदीय समितियों में ज्यादा प्रभाव मिलेगा और वह सरकार की नीतियों की जांच तथा प्रशासनिक फैसलों पर सवाल उठाने की स्थिति में आ सकता है।ऐसे में अमेरिकी मिडटर्म चुनाव सिर्फ संसद की सीटों का मुकाबला नहीं हैं, बल्कि इनसे राष्ट्रपति ट्रम्प की आगे की राजनीतिक रणनीति और उनके एजेंडे की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।