पीओके में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प, फुटेज में देंखे 30 की मौत, 200 से अधिक घायल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात उस समय बेकाबू हो गए जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में भारी जानमाल का नुकसान हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हिंसा में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिससे सुरक्षा बलों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है।यह हिंसा उस समय भड़की जब क्षेत्र में सक्रिय जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहा विवाद अचानक उग्र रूप ले बैठा। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी भिड़ंत हुई, जिसमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि अन्य घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है तथा कई इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।इस पूरे विवाद की जड़ विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर चल रहा मतभेद बताया जा रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पलायन कर पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में बस गए थे। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी का आरोप है कि इन सीटों को लेकर सरकार की नीति असंतुलित है, जबकि क्षेत्रीय प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था संवैधानिक ढांचे के तहत की गई है।
इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था, जो अब हिंसक संघर्ष में बदल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में हालात तेजी से बिगड़ते चले गए और पथराव, लाठीचार्ज तथा अन्य झड़पों ने हिंसा का रूप ले लिया।Pakistan-occupied Kashmir में हुई इस घटना ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच जल्द बातचीत नहीं हुई तो स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
वहीं सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हालात को नियंत्रण में लेने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के बीच चल रहा यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या बातचीत के जरिए इसका समाधान निकल पाता है या नहीं।