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होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी लागू, वीडियो में देंखे वैश्विक तेल व्यापार पर असर की आशंका

 

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से एक बड़ा और विवादित फैसला लेते हुए होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी (Naval Blockade) शुरू कर दी गई है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह नाकाबंदी कल शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से आधिकारिक रूप से लागू कर दी गई। इस कदम के लागू होते ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सख्त कर दिया गया है और समुद्री मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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अमेरिकी प्रशासन की ओर से स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है कि यदि कोई भी ईरानी जहाज नाकाबंदी क्षेत्र के पास आता है, तो उसे तत्काल कार्रवाई के तहत “खत्म” किया जा सकता है। इस कार्रवाई के लिए वही रणनीति अपनाई जा रही है, जिसका उपयोग समुद्र में ड्रग तस्करी रोकने के अभियानों के दौरान किया जाता है—यानी तेज, कठोर और निर्णायक कार्रवाई।इस कदम के तहत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज की सख्त जांच की जाएगी। विशेष रूप से उन जहाजों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, जिन पर ईरान को किसी प्रकार का टोल या आर्थिक लाभ पहुंचाने का संदेह है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम ईरान की आर्थिक गतिविधियों और उसकी वित्तीय ताकत को कमजोर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

होर्मुज स्ट्रेट, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। यहां किसी भी प्रकार की नाकाबंदी या तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।Strait of Hormuz पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है, और अब इस नई नाकाबंदी के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य या नौसैनिक गतिविधि वैश्विक व्यापार मार्गों को प्रभावित कर सकती है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इससे पहले दिए बयान में कहा था कि जो भी जहाज ईरान को अवैध या गैरकानूनी तरीके से टोल देगा, उसे सुरक्षित मार्ग प्रदान नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की आर्थिक रीढ़ को कमजोर करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों को सख्ती से लागू करना है।इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिक गई हैं। कई देशों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह नाकाबंदी वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों को किस दिशा में ले जाती है।