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US-India Trade Tension: भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में ट्रम्प? 10 दिन में हो सकता है बड़ा फैसला

 

अमेरिका और भारत के व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को लेकर जल्द फैसला ले सकते हैं। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने कहा कि अगले करीब 10 दिनों में इस मामले पर निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला ट्रम्प ही करेंगे।

इस संभावित फैसले का असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर पड़ सकता है। वहीं, दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत भी जारी है।

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर क्यों बढ़ा दबाव?

अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। खबर के मुताबिक, ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी भी दे दी। हालांकि, संबंधित देशों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है।

बताया गया है कि कानून के तहत अमेरिकी प्रशासन को 30 दिनों के भीतर इस मामले पर निर्णय लेना होगा। भारत को संभावित प्रतिबंधों से राहत मिलेगी या नहीं, यह भी अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले पर निर्भर करेगा।

प्रतिबंध लगाने के लिए तय की गईं तीन श्रेणियां

अमेरिकी दूत सर्जियो गोर के मुताबिक, संबंधित कानून में प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां रखी गई हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है।

गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में आने वाले देशों और लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत समेत कई देश इनमें से किसी एक श्रेणी में आते हैं।

हालांकि, किसी देश पर वास्तव में टैरिफ लगाया जाएगा या उसे छूट मिलेगी, यह अंतिम सरकारी फैसले पर निर्भर करेगा।

अमेरिका में डीजल महंगा, ट्रम्प ने रूस से खरीद को दी मंजूरी

अमेरिका में ईरान से जुड़े युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच डीजल की कीमतों में तेजी आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में डीजल का भाव करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया है।

ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बन सकती हैं, खासकर 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले।

खबर में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटा दिया है। इसके तहत रूस से पहले 3 लाख टन से अधिक डीजल, फिर नवंबर में 5 लाख टन और उसके बाद 10 लाख टन की आपूर्ति की योजना बताई गई है। आगे चलकर आपूर्ति 30 लाख टन तक पहुंचने का दावा भी किया गया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में कितनी प्रगति?

टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। सर्जियो गोर के अनुसार, दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, जबकि कुछ विषयों पर अभी चर्चा बाकी है।

अमेरिका भारत के साथ रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और चिप निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

भारत के लिए आगे क्या मायने हैं?

यदि अमेरिका भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला करता है, तो संबंधित व्यापारिक गतिविधियों और दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि टैरिफ किन उत्पादों पर लागू होता है और भारत को कोई छूट मिलती है या नहीं।

फिलहाल, टैरिफ को लेकर अंतिम फैसले की प्रतीक्षा है। दूसरी ओर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जारी बातचीत से संकेत मिलता है कि दोनों देश व्यापार और तकनीकी सहयोग के रास्ते भी तलाश रहे हैं।