×

US-India Trade Deal: भारत की वो 3 शर्तें, जिनके बिना वाशिंगटन की डील पर दस्तखत नहीं होंगे

 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर भारत का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत इस समझौते को तभी अंतिम रूप देगा, जब अमेरिका भारतीय उत्पादों को उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में ज्यादा अनुकूल और रियायती टैरिफ उपलब्ध कराएगा।

एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़े कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अपने कारोबारियों और निर्यातकों के हितों को ध्यान में रखकर ही किसी समझौते को अंतिम रूप देगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का अंतिम फैसला टैरिफ व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर टैरिफ जरूरी

पीयूष गोयल के मुताबिक, अगर अमेरिका भारत को वियतनाम, बांग्लादेश, चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले तरजीही टैरिफ देने की स्थिति में आता है, तो भारत BTA को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि जैसे ही अमेरिका भारतीय कारोबारियों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर दर उपलब्ध कराने में सक्षम होगा, दोनों देशों के बीच समझौते को अंतिम रूप देकर उसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

कई देशों के साथ व्यापार समझौते की तैयारी

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत ने जिन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया है, उनसे घरेलू कंपनियों और निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले महीनों और वर्षों में भारत कनाडा, मेक्सिको, चिली, मर्कोसुर, एसएसीयू, जीसीसी और इजरायल जैसे देशों व समूहों के साथ भी व्यापार समझौतों की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

मर्कोसुर दक्षिण अमेरिका का प्रमुख क्षेत्रीय आर्थिक और व्यापारिक समूह है। वहीं एसएसीयू यानी दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ और जीसीसी यानी खाड़ी सहयोग परिषद भी महत्वपूर्ण क्षेत्रीय आर्थिक संगठन हैं। जीसीसी में पश्चिम एशिया के छह देश शामिल हैं।

इस महीने अमेरिका जा सकते हैं पीयूष गोयल

पीयूष गोयल का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब उनके आगामी अमेरिका दौरे की चर्चा तेज है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को बताया कि गोयल इसी महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं।

इस दौरान वह G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के साथ भारत-अमेरिका के बीच चल रही BTA वार्ता पर भी चर्चा कर सकते हैं। अमेरिकी राजदूत के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत में अब तक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

व्यापार के अलावा भी कई क्षेत्रों में सहयोग

सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका ऐसे व्यापारिक रिश्ते विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों देशों के लिए फायदेमंद हों।

उन्होंने कहा कि दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं और अमेरिका G20 बैठकों के लिए पीयूष गोयल की मेजबानी को लेकर उत्साहित है। उनके मुताबिक, भारत-अमेरिका सहयोग केवल वस्तुओं के आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दायरे में कई दूसरे क्षेत्र भी शामिल हैं।

Pact Silica का भी किया जिक्र

अमेरिकी राजदूत ने इस साल की शुरुआत में हुई Pact Silica घोषणा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस पहल का मकसद ऐसा नियामकीय ढांचा तैयार करना है, जो इनोवेशन को बढ़ावा दे और अमेरिकी तथा भारतीय कंपनियों के बीच सीमा-पार निवेश को आसान बनाए।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल दोनों देशों के उद्यमियों और नई कंपनियां खड़ी करने वाली अगली पीढ़ी को भी आगे बढ़ने के बेहतर अवसर देने में मदद कर सकती है।

फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच BTA को लेकर बातचीत जारी है और भारत की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि समझौते से भारतीय उद्योग और निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में पर्याप्त फायदा मिले।