अमेरिका ने जब्त ईरानी जहाज ‘टूस्का’ पाकिस्तान को सौंपा, क्रू समेत ईरान भेजने की तैयारी, वीडियो में देंखे होर्मुज तनाव के बीच बड़ा घटनाक्रम
अमेरिकी सेना ने एक अहम निर्णय लेते हुए जब्त किए गए ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को पाकिस्तान को सौंप दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता के अनुसार अब इस जहाज को उसके चालक दल (क्रू मेंबर) के साथ वापस ईरान भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इस जहाज को 21 अप्रैल को रोका था। उस समय यह जहाज चीन से लौट रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि जहाज में ऐसे सामान ले जाए जा रहे थे, जिनका संबंध हथियार निर्माण से हो सकता है। हालांकि, इस दावे को लेकर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” करार दिया था।
ईरान ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव को जानबूझकर बढ़ाने की कोशिश है। वहीं अमेरिका ने अपने बचाव में कहा था कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों और संभावित खतरे की आशंका के चलते की गई थी।
अब जहाज को पाकिस्तान के माध्यम से वापस ईरान भेजे जाने का निर्णय लिया गया है, जिसे एक कूटनीतिक मध्यस्थता के रूप में देखा जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत जहाज के सभी क्रू मेंबर्स को भी सुरक्षित रूप से ईरान लौटाया जाएगा।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब कुछ ही घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नामक एक नए समुद्री अभियान की घोषणा की थी। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना बताया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘टूस्का’ की रिहाई और होर्मुज में नए सैन्य-समुद्री अभियान की घोषणा दोनों घटनाएं एक व्यापक रणनीतिक स्थिति की ओर संकेत करती हैं, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जटिल पहलू शामिल हैं।
फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे यह कूटनीतिक और सैन्य घटनाक्रम किस दिशा में जाते हैं और इसका असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर कितना पड़ता है।