×

US Green Card: भारतीयों को लग सकता है बड़ा झटका, EB-1 कैटेगरी पर मंडराया संकट; जानें क्या है वजह
 

 

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने का इंतजार कर रहे भारतीयों के लिए सितंबर का महीना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. खास तौर पर EB-1 कैटेगरी के तहत स्थायी निवास हासिल करने की कोशिश कर रहे भारतीय आवेदकों को बड़ा झटका लग सकता है. अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने सितंबर के वीजा बुलेटिन में चेतावनी दी है कि भारत से लगातार बढ़ती मांग के कारण वित्त वर्ष 2026 खत्म होने से पहले ही इस कैटेगरी का निर्धारित कोटा पूरा हो सकता है.

अगर ऐसा होता है, तो भारतीय नागरिकों के लिए EB-1 वीजा कैटेगरी अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेगी. इससे उन लोगों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जो अपनी रोजगार आधारित इमिग्रेशन प्रक्रिया के अंतिम चरण का इंतजार कर रहे हैं.

EB-1 कैटेगरी क्या होती है?
EB-1 अमेरिका की रोजगार आधारित इमिग्रेशन कैटेगरी है. इसमें ऐसे विदेशी नागरिक शामिल होते हैं, जिनके पास अपने क्षेत्र में असाधारण क्षमता या महत्वपूर्ण पेशेवर उपलब्धियां होती हैं.

इस कैटेगरी में आम तौर पर तीन प्रमुख समूह आते हैं—असाधारण क्षमता रखने वाले लोग, उत्कृष्ट प्रोफेसर और रिसर्चर तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मैनेजर और एग्जीक्यूटिव.
यही वजह है कि भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स, शिक्षाविदों और मल्टीनेशनल कंपनियों के वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए EB-1 कैटेगरी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है.

सितंबर के Visa Bulletin में क्या चेतावनी दी गई?
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने सितंबर 2026 के वीजा बुलेटिन में भारत की EB-1 कैटेगरी को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है.
विभाग के अनुसार, भारत से जुड़े विदेशी नागरिकों की ज्यादा मांग और वीजा के लगातार इस्तेमाल के कारण वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले EB-1 की उपलब्धता खत्म हो सकती है.

अमेरिका का वित्त वर्ष 30 सितंबर 2026 को समाप्त होगा. इसलिए अगर निर्धारित सीमा इससे पहले पूरी हो जाती है, तो भारत के लिए इस कैटेगरी को आगे के लिए रोकना पड़ सकता है.

स्टेट डिपार्टमेंट ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार वीजा उपलब्धता में बदलाव किया जा सकता है.
भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों पर क्या होगा असर?
EB-1 की उपलब्धता खत्म होने का सबसे सीधा असर उन भारतीय आवेदकों पर पड़ सकता है, जो इस कैटेगरी के तहत ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं.
ऐसे मामलों में वीजा नंबर उपलब्ध नहीं होने तक आगे की प्रक्रिया रुक सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी आवेदक का ग्रीन कार्ड आवेदन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा. नई वित्तीय अवधि में वीजा नंबर उपलब्ध होने पर स्थिति बदल सकती है.
इसलिए प्रभावित आवेदकों के लिए अपने केस की स्थिति और संबंधित तारीखों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.

अमेरिका में रोजगार आधारित वीजा की कितनी सीमा है?
अमेरिकी इमिग्रेशन कानून के तहत हर वित्त वर्ष रोजगार आधारित इमिग्रेशन के लिए एक वैश्विक सीमा निर्धारित होती है.
वित्त वर्ष 2026 के लिए रोजगार आधारित प्राथमिकता सीमा 186,317 बताई गई है. इसके अलावा प्रति देश सीमा सामान्य तौर पर कुल वार्षिक रोजगार आधारित सीमा का 7 प्रतिशत होती है.

उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह सीमा करीब 28,862 बनती है. भारत जैसे बड़े आवेदक देशों के लिए यह सीमा लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है, क्योंकि योग्य आवेदकों की संख्या उपलब्ध वीजा नंबरों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है.
मांग बढ़ने से क्यों बनी स्थिति?
भारतीय प्रोफेशनल्स लंबे समय से अमेरिकी रोजगार आधारित इमिग्रेशन सिस्टम में बड़ी संख्या में आवेदन करते रहे हैं. खासकर टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की बड़ी मौजूदगी है.
EB-1 में योग्य उम्मीदवारों की मांग बढ़ने के कारण उपलब्ध वीजा नंबर तेजी से इस्तेमाल हो सकते हैं. यही कारण है कि वित्त वर्ष के अंतिम महीने में स्टेट डिपार्टमेंट को भारत के लिए वीजा उपलब्धता पर विशेष निगरानी रखनी पड़ रही है.

30 सितंबर की तारीख क्यों है महत्वपूर्ण?
30 सितंबर 2026 अमेरिकी वित्त वर्ष 2026 का आखिरी दिन है. हर साल रोजगार आधारित इमिग्रेशन के लिए उपलब्ध वीजा नंबर वित्त वर्ष के अंत से जुड़े होते हैं.
अगर भारत की निर्धारित सीमा 30 सितंबर से पहले पूरी हो जाती है, तो EB-1 के तहत नए वीजा नंबर जारी करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. नई वित्तीय अवधि शुरू होने के बाद उपलब्धता फिर से बदल सकती है.

भारतीयों के लिए क्या है आगे की उम्मीद?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने संभावित स्थिति की चेतावनी दी है और कहा है कि वह मांग और वीजा इस्तेमाल की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा.

इसलिए EB-1 आवेदकों को सितंबर के दौरान वीजा बुलेटिन में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए. जिन लोगों की प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में है, उन्हें अपने इमिग्रेशन अटॉर्नी या अधिकृत सलाहकार से अपने केस की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए.

नोट: अमेरिकी इमिग्रेशन नियम और वीजा उपलब्धता बदल सकती है. व्यक्तिगत केस से जुड़ा निर्णय लेने से पहले आधिकारिक अमेरिकी इमिग्रेशन स्रोत या योग्य इमिग्रेशन अटॉर्नी से सलाह लें.