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अमेरिका-ईरान शांति समझौते का दावा: वीडियो में जाने 14 सूत्रीय डील में 60 दिन होर्मुज खुला रखने और 300 अरब डॉलर फंड का उल्लेख

 

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को समाप्त करने के लिए तैयार किए गए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने के दावे सामने आए हैं। इस कथित डील को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। Donald Trump प्रशासन से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समझौता 14 सूत्रीय (14-point framework) डील पर आधारित है। अधिकारी ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान पत्रकारों को इसकी जानकारी दी, लेकिन अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बयान साझा किया।

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इस कथित समझौते के अनुसार, रणनीतिक रूप से बेहद अहम Strait of Hormuz को 60 दिनों के लिए अस्थायी रूप से “मुफ्त और खुला” रखने की बात कही गई है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता माना जाता है, और इसके संचालन से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर सीधा असर पड़ता है।डील के अन्य प्रमुख बिंदुओं में यह दावा किया गया है कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का औपचारिक आश्वासन दिया है। यह मुद्दा लंबे समय से अमेरिका और पश्चिमी देशों की प्रमुख चिंता का विषय रहा है।

इसके बदले में ईरान के लिए एक बड़ा आर्थिक पैकेज तैयार किए जाने की बात भी कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 300 अरब डॉलर (करीब 28 लाख करोड़ रुपये) का एक विशेष फंड बनाए जाने का प्रस्ताव शामिल है, जिसका उद्देश्य ईरान की आर्थिक स्थिति को स्थिर करना बताया जा रहा है।यह पूरी जानकारी एक अनाम अमेरिकी अधिकारी द्वारा साझा की गई है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस कथित समझौते की सत्यता और इसके प्रभावों को लेकर बहस तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस तरह का कोई औपचारिक समझौता वास्तव में अस्तित्व में आता है, तो यह मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि, अभी तक किसी भी सरकार की ओर से इस 14 सूत्रीय डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।फिलहाल दुनिया भर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और ईरान की ओर से इस कथित समझौते पर आधिकारिक बयान कब जारी किया जाता है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।