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अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बड़ी तेल डील का दावा, ट्रंप बोले- सस्ती होगी एनर्जी और बढ़ेगी सप्लाई
 

 


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ एक बड़े तेल समझौते का ऐलान किया है. ट्रंप के मुताबिक इस डील के जरिए अमेरिका को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार और भविष्य में होने वाले उत्पादन तक बड़ी पहुंच मिलेगी. उनका दावा है कि समझौते से अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति मजबूत होगी, तेल की उपलब्धता बढ़ेगी और आने वाले समय में पेट्रोल-गैस की कीमतों पर भी दबाव कम हो सकता है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस समझौते की जानकारी साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज और निजी कंपनियों के साथ मिलकर देश के 65 अरब बैरल से ज्यादा प्रमाणित तेल भंडार पर अमेरिकी नियंत्रण बढ़ाया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिकी टैक्सपेयर्स का पैसा खर्च नहीं हुआ.

अमेरिका को मिलेगा तेल उत्पादन में बड़ा हिस्सा

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक इस समझौते के तहत एक नए निजी ज्वाइंट वेंचर से निकलने वाले तेल का करीब 55 फीसदी हिस्सा अमेरिका को मिलने की उम्मीद है. इस वेंचर को अमेरिका और वेनेजुएला की एक निजी कंपनी मिलकर संचालित करेगी.

अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वेनेजुएला की अंतरिम सरकार ने संबंधित निजी कंपनी को तेल क्षेत्रों के संचालन के लिए लंबे समय का अधिकार दिया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य वेनेजुएला के बड़े तेल संसाधनों में निवेश बढ़ाना और उत्पादन को तेज करना बताया गया है.

ट्रंप का दावा- अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत

ट्रंप ने इस समझौते को अमेरिकी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है. उनका कहना है कि वेनेजुएला के तेल संसाधनों तक बढ़ी पहुंच से अमेरिका की कुल ऊर्जा आपूर्ति मजबूत हो सकती है.

उन्होंने दावा किया कि अतिरिक्त तेल से अमेरिकी स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को फिर से भरने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा अमेरिकी सेना की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी इस तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

वेनेजुएला को भी बड़े राजस्व की उम्मीद

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी इस समझौते का स्वागत किया है. उनका कहना है कि देश अपने विशाल तेल भंडार का इस्तेमाल आर्थिक सुधार और विकास के लिए करना चाहता है.

रोड्रिगेज के मुताबिक तेल क्षेत्र में निवेश और उत्पादन बढ़ने से सरकार को ज्यादा राजस्व मिल सकता है. इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने, श्रमिकों की आय में सुधार करने और देश के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

नई कंपनी को लेकर क्या है योजना?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर को तेल क्षेत्र के संचालन और उत्पादन से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार इस नई तेल कंपनी की आधे से ज्यादा आर्थिक वैल्यू हासिल करने की स्थिति में होगी. इसमें इक्विटी हिस्सेदारी के साथ लागत मूल्य पर तेल खरीद की गारंटी जैसी व्यवस्था शामिल बताई गई है.

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से मिलने वाले तेल का एक हिस्सा अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार को मजबूत करने और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

पेट्रोल की कीमतों पर क्या होगा असर?

ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला से तेल की सप्लाई बढ़ने पर अमेरिका में ऊर्जा की कीमतों को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, तेल की कीमतें केवल किसी एक देश से होने वाली सप्लाई पर निर्भर नहीं करतीं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक मांग, उत्पादन, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और रिफाइनिंग क्षमता जैसे कई दूसरे कारक भी पेट्रोल और गैस की कीमतों को प्रभावित करते हैं.

इसलिए इस समझौते का आम उपभोक्ताओं पर कितना और कब असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में तेल उत्पादन और वास्तविक सप्लाई पर निर्भर करेगा.