60 सेकेंड में दो विनाशकारी भूकंपों ने उजाड़ा वेनेजुएला, अस्पताल तबाह, फुटेज में देंखे अंधेरे में अपनों को तलाश रहे लोग
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। महज 60 सेकेंड के अंतराल में आए इन झटकों ने राजधानी कराकस समेत कई बड़े शहरों को मलबे के ढेर में बदल दिया। भूकंप के बाद हालात इतने भयावह हो गए हैं कि घायल लोगों का इलाज सड़कों पर करना पड़ रहा है, क्योंकि कई बड़े अस्पतालों की इमारतें धराशायी हो चुकी हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
भूकंप के झटकों के बाद देश के अधिकांश हिस्सों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। रात के अंधेरे में हजारों लोग अपने परिजनों और दोस्तों की तलाश में मलबे के बीच भटकते नजर आए। संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में अतिरिक्त मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले भूकंप के झटके से लोग संभल भी नहीं पाए थे कि एक मिनट के भीतर दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस हुआ। कई बहुमंजिला इमारतें देखते ही देखते जमीन पर आ गिरीं, जबकि सैकड़ों मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सड़कों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और कई पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
सबसे चिंताजनक स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में कई प्रमुख अस्पतालों की इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। ऐसे में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी खुले मैदानों, सड़कों और अस्थायी शिविरों में घायलों का इलाज करने को मजबूर हैं। दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और आपातकालीन संसाधनों की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं।आपदा के बाद राहत और बचाव एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। कई इलाकों में भारी मशीनों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर रेस्क्यू कर्मियों को हाथों से मलबा हटाना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। शुरुआती आकलनों ने चिंता और बढ़ा दी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10 हजार से लेकर एक लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि, वास्तविक आंकड़े राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स का खतरा बना हुआ है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। हजारों परिवार खुले मैदानों और अस्थायी शिविरों में रात गुजारने को मजबूर हैं। सरकार ने आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है। दुनिया भर की नजरें अब वेनेजुएला पर टिकी हैं, जहां लोग अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं।