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Trump का किसानों के लिए ₹71,000 करोड़ का राहत पैकेज, डीजल महंगा होने पर मिलेगी आर्थिक मदद

 

अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रैक्टर चलाने से लेकर फसल की कटाई और अनाज को बाजार तक पहुंचाने में ईंधन पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। किसानों को इस आर्थिक दबाव से राहत देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अरब डॉलर की सहायता योजना का ऐलान किया है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 71,000 करोड़ रुपये बैठती है।

इस योजना के तहत किसानों को सीधे डीजल उपलब्ध कराने के बजाय एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य फसल कटाई के सीजन में बढ़ती ईंधन लागत और खेती से जुड़े अन्य खर्चों का बोझ कम करना है।

क्या है ट्रंप सरकार का नया राहत प्लान?

19 अक्टूबर को कंसास में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने इस सहायता योजना की घोषणा की। इसके तहत अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) 'हार्वेस्ट फ्यूल रिलीफ प्रोग्राम' के जरिए किसानों को आर्थिक मदद देने की तैयारी कर रहा है।

योजना के लिए 8 अरब डॉलर का फंड निर्धारित किया गया है। किसानों को मिलने वाली सहायता की राशि 2026 की फसल के दौरान अनुमानित नुकसान और खेती की लागत के आधार पर तय की जाएगी।

इस कार्यक्रम को अमेरिकी कृषि विभाग की फार्म सर्विस एजेंसी (FSA) लागू करेगी। विभाग के अनुसार, प्रमुख फसलों के लिए सहायता दरें नवंबर में जारी की जानी हैं। अन्य पात्र फसलों के लिए भुगतान का तरीका बाद में स्पष्ट किया जाएगा।

हालांकि, फिलहाल किसानों के खातों में पैसा पहुंचने की तारीख और प्रत्येक किसान को मिलने वाली निश्चित राशि की जानकारी सामने नहीं आई है।

अमेरिका में डीजल की कीमतें क्यों बढ़ीं?

खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनें काफी हद तक डीजल पर निर्भर हैं। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और फसल की ढुलाई करने वाले वाहनों के संचालन में ईंधन का बड़ा खर्च आता है। ऐसे में डीजल महंगा होने से किसानों की उत्पादन लागत बढ़ जाती है।

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सितंबर 2026 के दौरान डीजल की औसत कीमत 6.53 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में कुछ गिरावट आई, लेकिन ईंधन का खर्च किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति से जुड़ी बाधाएं और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव भी ऊर्जा कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं। डीजल महंगा होने से खेतों में मशीनें चलाने के साथ-साथ तैयार फसल को गोदामों और बाजारों तक पहुंचाना भी महंगा हो जाता है।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस सहायता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों के बढ़ते खर्च को कुछ हद तक संतुलित करना है।

  • फसल कटाई में राहत: हार्वेस्टर और दूसरी मशीनों के ईंधन खर्च का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
  • ढुलाई का खर्च: खेत से बाजार तक फसल पहुंचाने की बढ़ती लागत को संभालने में सहायता मिल सकती है।
  • खेती की लागत में संतुलन: आर्थिक मदद से किसानों को बढ़े हुए खर्चों का कुछ हिस्सा पूरा करने में राहत मिल सकती है।
  • किसानों की आय को सहारा: उत्पादन लागत बढ़ने से मुनाफे पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सहायता किन किसानों को मिलेगी और प्रत्येक फसल के लिए भुगतान की दर क्या तय की जाती है।

पहले भी 12 अरब डॉलर का सहायता पैकेज दे चुका है अमेरिका

ट्रंप प्रशासन इससे पहले भी किसानों के लिए आर्थिक राहत की घोषणा कर चुका है। दी गई जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 में अमेरिकी सरकार ने किसानों के लिए 12 अरब डॉलर के सहायता पैकेज का ऐलान किया था।

अब 8 अरब डॉलर की नई योजना के जरिए फसल कटाई के दौरान बढ़ती ईंधन लागत से राहत देने की कोशिश की जा रही है।

कुल मिलाकर, अमेरिका का यह प्रस्ताव किसानों को बढ़ती उत्पादन लागत से निपटने में मदद देने के उद्देश्य से लाया गया है। हालांकि, योजना के वास्तविक असर का पता पात्रता के नियम, फसलवार सहायता दरें और भुगतान शुरू होने के बाद ही चलेगा।