ट्रम्प की ईरान को सीधी धमकी, वीडियो में बोले- समझौता करो या खत्म हो जाओ; UN में AI को लेकर भी बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने दो रास्ते हैं- ईरान के साथ समझौता करना या उसे खत्म कर देना। ट्रम्प ने ईरान के साथ संघर्ष और परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिकी नीति पर अपनी बात रखी। इसके अलावा उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी बड़ा बयान दिया और इसके विकास पर ज्यादा प्रतिबंध लगाने का विरोध किया।
ईरान को लेकर ट्रम्प का सख्त रुख
संयुक्त राष्ट्र महासभा में डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य नीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना था। ट्रम्प के अनुसार, ईरान के साथ संघर्ष को लेकर उनके सामने एक बड़ा फैसला है। या तो दोनों देशों के बीच समझौता हो, जिससे ईरान आगे बढ़ सके, या फिर अमेरिका उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने ईरान के साथ समझौते की संभावना का भी जिक्र किया।
ट्रम्प ने अपने भाषण में ईरान के साथ युद्ध शुरू करने के अमेरिकी फैसले को सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने शांति कायम करने के लिए कदम उठाए हैं। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उनका रुख अब भी सख्त बना हुआ है। उनके बयान में सैन्य दबाव के साथ-साथ संभावित कूटनीतिक समझौते का संकेत भी दिखाई दिया।
AI को ट्रम्प ने दिया नया नाम
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने इसे सुपर इंटेलिजेंस (Super Intelligence) कहने का सुझाव दिया। ट्रम्प ने AI को भविष्य की तकनीकी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ते हुए इसके विकास को बढ़ावा देने की बात कही।
ट्रम्प ने AI से इंसानों को होने वाले संभावित खतरे को लेकर चेतावनी देने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों और रूस से जुड़ी कथित साजिश के आरोपों का संदर्भ देते हुए AI के जोखिमों पर उठाई जा रही चिंताओं को खारिज किया। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका को AI के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए और इस तकनीक पर अत्यधिक प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए।
AI की दौड़ में अमेरिका को आगे रखने पर जोर
ट्रम्प पहले भी AI को अमेरिका की आर्थिक और रणनीतिक ताकत से जोड़ते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान उन्होंने एक बार फिर तकनीकी विकास और AI की प्रतिस्पर्धा में अमेरिकी नेतृत्व पर जोर दिया। उनकी नीति का प्रमुख हिस्सा AI के विकास को प्रोत्साहित करना और इसके नियमन को सीमित रखना है।
ट्रम्प के ईरान और AI से जुड़े बयान उनके व्यापक विदेश नीति और तकनीकी दृष्टिकोण का हिस्सा रहे। एक ओर उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कठोर रुख अपनाया, वहीं दूसरी ओर AI के विकास को लेकर कम प्रतिबंधों की वकालत की। उनके भाषण में सैन्य शक्ति, कूटनीति और तकनीकी प्रतिस्पर्धा तीनों मुद्दे प्रमुख रहे।