☰
×

ट्रम्प की ईरान को फिर सैन्य कार्रवाई की धमकी, वीडियो में बोले- छोटा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कर सकते हैं; ईरान ने इंटरनेट केबल निशाना बनाने की चेतावनी दी

 

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की संभावना जताई है। शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका एक और छोटा ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संभावित कार्रवाई कब होगी और उसका स्वरूप क्या रहेगा।दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल उस पर दोबारा हमला करते हैं, तो वह खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बना सकता है। ऐसा होने पर अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाओं और ऑनलाइन कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है। इस घटनाक्रम ने सैन्य टकराव के साथ-साथ वैश्विक डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

28 फरवरी को शुरू हुआ था ऑपरेशन एपिक फ्यूरी

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/8rBjfON8WUE?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/8rBjfON8WUE/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

ट्रम्प ने अपने बयान में जिस ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का जिक्र किया, उसी नाम से अमेरिकी सेना ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान को संबोधित किया था। अब ट्रम्प के ताजा बयान से इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने संभावित अभियान के लक्ष्य, समय और सैन्य रणनीति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनका बयान केवल चेतावनी है या इसके पीछे किसी नई सैन्य कार्रवाई की योजना भी है।इससे पहले ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि अमेरिका इस युद्ध को बहुत जल्दी खत्म कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना चाहता है या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहता है।ट्रम्प के इस बयान को युद्ध की आगे की रणनीति को लेकर दिए गए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, संघर्ष को समाप्त करने की किसी निश्चित योजना की जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरान की चेतावनी से इंटरनेट सेवाओं पर खतरा

ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजराइल की ओर से दोबारा हमला होने की स्थिति में वह खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बना सकता है। समुद्र के नीचे बिछी ये केबल दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच इंटरनेट डेटा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।इन केबलों के क्षतिग्रस्त होने से अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। इसका असर बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन कारोबार और विभिन्न इंटरनेट सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। हालांकि, वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-सी केबल प्रभावित होती हैं और वैकल्पिक नेटवर्क कितने प्रभावी ढंग से काम करते हैं।इस तरह की चेतावनी से संघर्ष का दायरा केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित रहने के बजाय महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे तक पहुंचने की आशंका पैदा होती है। इससे क्षेत्रीय तनाव का असर अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही पर ट्रम्प का बयान

ट्रम्प ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही जारी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को वह सब मिल रहा है, जो वह चाहता है।होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने या जहाजों की आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।फिलहाल अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की समयसीमा स्पष्ट नहीं की गई है। वहीं, ईरान की इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की चेतावनी ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम इस बात के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे कि तनाव बढ़ता है या बातचीत के जरिए समाधान की कोई संभावना बनती है।