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ट्रम्प बोले- मुझे मिलना चाहिए था पुलित्जर पुरस्कार, वीडियो में जाने रूस जांच की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर साधा निशाना

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्हें लेखन के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिलना चाहिए था। बुधवार को एक रैली के दौरान उन्होंने रूस से जुड़े मामलों की जांच पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की आलोचना की। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि इन पत्रकारों ने गलत रिपोर्टिंग की और इसके लिए उन्हें प्रतिष्ठित पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए था। इसी दौरान उन्होंने कई युद्ध रुकवाने का श्रेय लेते हुए एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।

ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनके लेखन, सार्वजनिक बयानों और पत्रकारों के साथ उनके संबंधों को लेकर चर्चा होती रही है। हालांकि, पुलित्जर पुरस्कार के लिए उनके दावे पर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए और उनके लेखन की शैली पर तंज कसे।

रूस जांच की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर आरोप

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रैली के दौरान ट्रम्प ने रूस से जुड़े मामलों की जांच पर रिपोर्टिंग करने वाले उन पत्रकारों को निशाने पर लिया, जिन्हें इस विषय पर अपने काम के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों की रिपोर्टिंग गलत थी और उन्हें इसके लिए सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए था।

रूस से जुड़े मामलों की जांच और उससे संबंधित मीडिया रिपोर्टिंग अमेरिकी राजनीति में लंबे समय से विवाद का विषय रही है। ट्रम्प पहले भी इस जांच और इसकी कवरेज को लेकर पत्रकारों की आलोचना कर चुके हैं।इस बार उन्होंने लेखन के लिए खुद को पुलित्जर पुरस्कार का हकदार बताया। हालांकि, उनके इस दावे को लेकर पुरस्कार की आधिकारिक प्रक्रिया या किसी नामांकन की पुष्टि सामने नहीं आई है।

नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर भी जताई नाराजगी

ट्रम्प ने अपने संबोधन में कई युद्ध रुकवाने का श्रेय लेते हुए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई। वह पहले भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराने में अपनी भूमिका का दावा करते रहे हैं।नोबेल शांति पुरस्कार और पुलित्जर पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में दिए जाते हैं।नोबेल शांति पुरस्कार शांति स्थापना के प्रयासों के लिए दिया जाता है, जबकि पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता, साहित्य, नाटक और संगीत सहित कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करता है।ट्रम्प की टिप्पणी से एक बार फिर इन दोनों पुरस्कारों को लेकर उनकी सार्वजनिक अपेक्षाएं चर्चा में आ गई हैं।

19 किताबें लिख चुके हैं ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प अब तक कई किताबों के लेखक या सहलेखक रहे हैं। उनकी सबसे चर्चित पुस्तकों में 1987 में प्रकाशित द आर्ट ऑफ द डील शामिल है। इस किताब में उन्होंने कारोबार, बातचीत की रणनीति और अपने व्यावसायिक अनुभवों के बारे में लिखा है।पुस्तक के प्रकाशन के बाद ट्रम्प की कारोबारी छवि को व्यापक पहचान मिली। हालांकि, उनकी किताबों में लेखन और संपादन में अन्य लोगों की भूमिका भी अलग-अलग रही है। इसलिए उनकी सभी पुस्तकों को पूरी तरह स्वयं लिखी गई रचनाएं कहना सही नहीं होगा।पुलित्जर पुरस्कार को पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। इसके अलावा साहित्य, नाटक और संगीत की विभिन्न श्रेणियों में भी यह पुरस्कार दिया जाता है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कसा तंज

पुलित्जर पुरस्कार के लिए ट्रम्प के दावे पर सोशल मीडिया यूजर्स ने मजाकिया प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने उनकी लेखन क्षमता पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने उनके बोलने के तरीके को निशाना बनाया।एक यूजर ने टिप्पणी की कि जो व्यक्ति बच्चों की किताब तक नहीं लिख सकता, उसे लगता है कि उसे पुलित्जर मिलना चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने ट्रम्प की भाषा शैली पर तंज कसते हुए लिखा कि वह अंग्रेजी भाषा के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, जैसे उसे बंधक बना लिया हो। यूजर ने यह भी कहा कि उनके वाक्यों को समझने के लिए खोजी दल की जरूरत पड़ सकती है।इन प्रतिक्रियाओं के बीच ट्रम्प का बयान अमेरिकी राजनीति में पुरस्कारों, मीडिया रिपोर्टिंग और राष्ट्रपति के सार्वजनिक दावों को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।