ईरान पर ट्रंप का नया दबाव, होर्मुज की बारूदी सुरंगों को लेकर दी खतरनाक चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से सभी बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है या उन्हें नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई जहाज या नाव दोबारा बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश करती है तो उसे तुरंत और व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा।
ट्रंप बोले- ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू
ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि होर्मुज में बारूदी सुरंगों को हटाने या निष्क्रिय करने का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि बारूदी सुरंगें बिछाने को लेकर अमेरिका की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पूरी तरह लागू है।उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी Space Force की मदद से अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के हर हिस्से पर नजर रख रहा है। ट्रंप की चेतावनी ऐसे समय आई है जब यह रणनीतिक जलमार्ग अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
पिकएक्स माउंटेन पर भी अमेरिका की नजर
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी निगरानी केवल होर्मुज तक सीमित नहीं है। अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों पर भी नजर रख रहा है। उन्होंने खास तौर पर पिकएक्स माउंटेन का जिक्र किया, जो नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित है।ट्रंप के मुताबिक, Space Force के जरिए अमेरिका पिकएक्स माउंटेन और पहले निशाना बनाए गए तीन अन्य परमाणु ठिकानों की निगरानी कर रहा है। पिकएक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े भूमिगत ठिकानों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।
होर्मुज में बढ़ी समुद्री गतिविधियों पर नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। यहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा गुजरती है। मौजूदा तनाव के कारण इस जलमार्ग से तेल की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में काफी कम हुई है।
अमेरिका की ओर से बारूदी सुरंगों को हटाने का दावा ऐसे समय आया है जब ईरान और ओमान भी होर्मुज में सुरक्षित नौवहन के लिए एक अस्थायी गलियारा बनाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों ने बारूदी सुरंगों की सफाई और समुद्री यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए आगे बातचीत जारी रखने की बात कही है।
ईरान में मानवीय संकट का भी ट्रंप ने किया दावा
ट्रंप ने ईरान की आंतरिक स्थिति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ईरान आर्थिक और सैन्य संकट से गुजर रहा है और सरकार अपनी सेना के एक बड़े हिस्से को वेतन देने में सक्षम नहीं है।उन्होंने ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाते हुए इसे बड़े पैमाने का मानवीय संकट बताया और कहा कि स्थिति को रोकने की जरूरत है।
आर्थिक दबाव भी बढ़ा रहा अमेरिका
होर्मुज को लेकर सैन्य चेतावनी के साथ अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा रहा है। वॉशिंगटन ने नए प्रतिबंधों और सेकेंडरी सैंक्शंस के जरिए ईरान के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों और अन्य संस्थाओं पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।इस बीच, होर्मुज में बारूदी सुरंगों की सफाई, समुद्री यातायात की बहाली और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार के केंद्र में ला दिया है।