तेहरान का पलटवार और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई से खाड़ी देश दहले, बहरीन-कुवैत में अलर्ट जारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की ओर चार अटैक ड्रोन भेजे थे; इसके बाद अमेरिकी सेना ने उन सभी को मार गिराया और ईरान के दो समुद्री रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ये चार ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे थे और उस इलाके में समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
अमेरिका के अनुसार, ये ड्रोन समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा थे, इसलिए उन्हें रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। ड्रोन को मार गिराने के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के गोरुक और केशम द्वीपों पर स्थित समुद्री निगरानी रडार केंद्रों को निशाना बनाया। अमेरिका की इस कार्रवाई से नाराज ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमले किए हैं और दोनों देशों पर एक दर्जन से अधिक मिसाइलें दागी हैं। कुवैत और बहरीन की सेना ने अपने नागरिकों को सावधानी बरतने और बाहर न निकलने की सलाह दी है।
CENTCOM का बयान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में, CENTCOM ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के चार 'वन-वे अटैक ड्रोन' (आत्मघाती ड्रोन) को मार गिराया है क्योंकि वे क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। इसके बाद, आगे के हमलों को रोकने के लिए रडार ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना ने ईरान की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए अपनी तैयारी की भी पुष्टि की और कहा कि क्षेत्र में तैनात उसके सैनिक हाई अलर्ट पर हैं।
ईरान ने भी फायरिंग की जानकारी दी
इस बीच, ईरानी मीडिया ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य गतिविधियों की खबर दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर' के अनुसार, ईरानी सेना ने शनिवार को जलमार्ग के पास समुद्र में कई चेतावनी वाले शॉट (warning shots) दागे। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कार्रवाई उस इलाके में अमेरिकी नौसेना के जहाजों की आवाजाही और नई तैनाती के जवाब में की गई थी। यह ताजा घटना दिखाती है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी कम नहीं हुआ है। हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत और राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में स्थिति अस्थिर बनी हुई है और कोई भी नई घटना तनाव को और बढ़ा सकती है।