अमेरिका में बढ़ रही 'मिनी इंडिया' की संख्या, दो मिनट के वीडियो में जानें 5 साल में 75 इलाकों तक पहुंचने का अनुमान; भारतीय परिवारों की कमाई भी ज्यादा
अमेरिका में भारतीय समुदाय का विस्तार लगातार तेजी से हो रहा है। पिछले करीब 20 वर्षों में अमेरिका के 50 से ज्यादा इलाकों में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी बस चुकी है। इन इलाकों को अब अनौपचारिक तौर पर 'मिनी इंडिया' कहा जाने लगा है। भारतीय समुदाय की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले पांच वर्षों में ऐसे इलाकों की संख्या बढ़कर करीब 75 तक पहुंच सकती है।
खास बात यह है कि अमेरिका में वीजा और ग्रीन कार्ड को लेकर सख्ती के बावजूद भारतीयों का अमेरिका जाना और वहां बसना जारी है। इसके पीछे रोजगार के बेहतर अवसरों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा जैसे क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों की मांग और रोजगार के अवसर समुदाय के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी कई राज्यों में फैली हुई है, लेकिन कैलिफोर्निया भारतीय समुदाय का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां करीब 9.3 लाख भारतवंशी रहते हैं। बड़ी संख्या में भारतीयों की मौजूदगी के कारण कई इलाकों में भारतीय संस्कृति, खान-पान, कारोबार और सामुदायिक गतिविधियों का प्रभाव साफ दिखाई देता है।
भारतीयों की बड़ी आबादी वाले इन इलाकों में भारतीय परिवारों की आर्थिक स्थिति भी चर्चा में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 'मिनी इंडिया' कहे जाने वाले इलाकों में रहने वाले भारतीय परिवारों की औसत सालाना आय करीब 1.54 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके मुकाबले अमेरिकी परिवारों की औसत आय करीब 80 लाख रुपये के आसपास है। यानी भारतीय परिवारों की औसत आय अमेरिकी परिवारों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
अमेरिका में भारतीय समुदाय की आर्थिक मजबूती के पीछे शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों में उनकी मजबूत भागीदारी को प्रमुख कारणों में गिना जाता है। बड़ी संख्या में भारतीय टेक्नोलॉजी, चिकित्सा, फार्मा, इंजीनियरिंग और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत आय बढ़ी है, बल्कि कई इलाकों में भारतीय समुदाय ने स्थानीय अर्थव्यवस्था और कारोबार में भी अपनी मजबूत जगह बनाई है।
कैलिफोर्निया के बाद टेक्सास भारतीय मूल के लोगों की आबादी वाला दूसरा प्रमुख राज्य है। यहां करीब 5.4 लाख भारतवंशी रहते हैं। टेक्नोलॉजी और कारोबार के बढ़ते अवसरों के कारण टेक्सास भी भारतीय समुदाय के लिए तेजी से आकर्षक केंद्र बन रहा है।
अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे और प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक आने वाले वर्षों में अमेरिका में भारतीय समुदाय का विस्तार और तेज हो सकता है। रोजगार, उच्च शिक्षा, कारोबार और पेशेवर अवसर भारतीयों को अमेरिका में आकर्षित करने वाले प्रमुख कारण बने हुए हैं।
वीजा और ग्रीन कार्ड नियमों में सख्ती के बावजूद भारतीय समुदाय की संख्या और आर्थिक प्रभाव में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि अमेरिका में भारतीयों की मौजूदगी अब केवल प्रवासी आबादी तक सीमित नहीं है। कई शहरों और उपनगरों में भारतीय समुदाय ने अपनी अलग सामाजिक और आर्थिक पहचान बनाई है।
यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो अगले पांच वर्षों में 'मिनी इंडिया' कहे जाने वाले इलाकों की संख्या 75 तक पहुंच सकती है। इससे अमेरिका में भारतीय संस्कृति और समुदाय की मौजूदगी और मजबूत होने की संभावना है।