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जन्म से नागरिकता अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कायम! ट्रंप ने दी चेतावनी- 'नया कानून लाकर बदलेंगे नियम'

 

अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटिज़नशिप) को लेकर एक बड़ा फ़ैसला सुनाया गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा है। इस फ़ैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि कांग्रेस में कानून बनाकर इस सिस्टम को बदला जा सकता है।

**ट्रंप ने फ़ैसले पर नाखुशी जताई**

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा, "सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है, लेकिन हम कांग्रेस में कानून पास करके इसे आसानी से बदल सकते हैं। इसके लिए किसी लंबे-चौड़े संवैधानिक संशोधन की ज़रूरत नहीं है। कांग्रेस को इस महंगे और अन्यायपूर्ण सिस्टम को खत्म करने के लिए आज ही काम शुरू कर देना चाहिए। उन्हें मेरा पूरा समर्थन मिलेगा।"

**ट्रंप का आदेश क्या था?**

यह मामला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले दिन उनके द्वारा साइन किए गए और जारी किए गए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (कार्यकारी आदेश) से शुरू हुआ था। इस आदेश का मकसद उन बच्चों को अमेरिकी नागरिकता देने से रोकना था जिनके माता-पिता गैर-कानूनी तरीके से या अस्थायी वीज़ा पर अमेरिका में रह रहे थे। 6-3 के बहुमत से फ़ैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले लगभग सभी बच्चे नागरिकता पाने के हकदार हैं। निचली अदालतों ने भी पहले ट्रंप के आदेश पर रोक लगा दी थी।

**चीफ़ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने क्या कहा?**

बहुमत की राय लिखते हुए चीफ़ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में उन माता-पिता से पैदा होने वाले बच्चे, जो देश में गैर-कानूनी या अस्थायी रूप से मौजूद हैं, अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक बन जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में यह भी कहा गया कि जन्म के आधार पर नागरिकता वाले सिस्टम को बदलने के लिए संवैधानिक संशोधन की ज़रूरत पड़ सकती है। 14वें संशोधन का हवाला देते हुए कोर्ट ने पुष्टि की कि बहुत कम अपवादों को छोड़कर, अमेरिका में पैदा होने वाला हर व्यक्ति नागरिक है।

**न्याय विभाग का बयान**

अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि वह गैर-कानूनी "बर्थ टूरिज़्म" (जन्म के लिए पर्यटन) स्कीमों के खिलाफ़ सख्ती जारी रखेगा। विभाग ने कहा कि जो लोग अपने बच्चों के लिए ऑटोमैटिक नागरिकता पाने के लिए कानून का गलत इस्तेमाल करते हैं, वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जन्म के आधार पर नागरिकता को खत्म करने का यह आदेश, ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन (प्रवास) के खिलाफ़ व्यापक सख्ती का हिस्सा था। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की उन अहम नीतियों में से एक थी जो अंतिम फ़ैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुँची थीं।