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Strait of Hormuz Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य में अब कैसे हैं हालात क्या अब भी फंसे है जहाज, जानिए ताजा अपडेट 

 

फरवरी 2026 में शुरू हुआ ईरान का विवाद पांच महीने बाद भी कम होता नहीं दिख रहा है, और दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता - होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) - इससे प्रभावित हो रहा है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है, और इस संकट में भारतीय नाविकों की जान भी गई है।

**भारत ने UN में चिंता जताई; हमले जारी**
29 जुलाई 2026 को, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने भारतीय क्रू वाले तीन जहाजों - *GFS Galaxy*, *MT Al Bahia* और *MT Mombasa* - पर हाल ही में हुए हमलों का जिक्र किया, जिनमें कई भारतीय नागरिक घायल हुए, एक की मौत हो गई और एक व्यक्ति लापता हो गया। इससे पहले, पलाऊ के झंडे वाले जहाज *MT Setebello* पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।

**कई भारतीय जहाज अभी भी फंसे हुए हैं; कुछ सुरक्षित निकल चुके हैं**

हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि भारतीय जहाज *Lila Vadinar* और *Maha Rusya* जैसे टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं; हालांकि, भारतीय झंडे वाले कई जहाज अभी भी वहां अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च 2026 से 17 जुलाई के बीच कुल 59 जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे - जिनमें 23 भारतीय झंडे वाले और 36 विदेशी झंडे वाले जहाज शामिल थे जो भारत के लिए सामान ले जा रहे थे।

**भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक**

खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते हालात के बीच, शिपिंग महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) ने एक सर्कुलर जारी कर सभी जहाज मालिकों और मैनेजमेंट कंपनियों से कहा है कि वे अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात न करें। यह एहतियाती कदम नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है।
अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी के जवाब में, ईरान ने जलडमरूमध्य पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं, जबकि अमेरिका का कहना है कि उसकी नाकेबंदी लागू है। दोनों देशों के बीच नई बातचीत की चर्चा हो रही है, हालांकि अभी तक कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है।

भारत ने सुरक्षित कमर्शियल रूट की मांग की
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में साफ़ तौर पर कहा है कि आम नागरिकों और कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही बहाल होनी चाहिए, क्योंकि भारत का व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति इस क्षेत्र से गहराई से जुड़ी हुई है।