UN में Shahbaz Sharif की भारत को चेतावनी, सिंधु नदी के पानी को लेकर दी ‘युद्ध’ की धमकी; फिर उठाया Kashmir मुद्दा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ कड़ा बयान दिया. उन्होंने सिंधु नदी के पानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पानी रोकने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई के तौर पर देखेगा. शहबाज ने भारत को इस मामले में कोई गलती नहीं करने की चेतावनी भी दी.
शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी को हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए. उनके मुताबिक नदियों का उद्देश्य लोगों और देशों को पानी उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें बांटना.
सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले का विरोध
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के कदम पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि भारत ने पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद संधि को एकतरफा रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है.
शहबाज ने यह भी दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत ने इस मामले में भारत के दावों और कदमों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों से पाकिस्तान का पक्ष मजबूत हुआ है.
Kashmir का फिर किया जिक्र
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया. उन्होंने इसे पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार होना चाहिए.
शहबाज ने भारत पर कश्मीर में लोगों के साथ कथित ज्यादती का आरोप भी लगाया. भारत इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है.
भारत-पाकिस्तान संघर्ष और Trump की तारीफ
शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में इसका सटीक और पेशेवर तरीके से जवाब दिया.
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की. शहबाज के मुताबिक मई 2025 में ट्रंप के हस्तक्षेप से दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ और इससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बची.
Islamophobia का मुद्दा भी उठाया
अपने भाषण में शहबाज ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को नफरत, भेदभाव और हमलों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मस्जिदों पर हमलों और कुरान के अपमान की घटनाओं पर भी चिंता जताई.
भारत का उल्लेख करते हुए शहबाज ने RSS से प्रभावित विचारधारा को लेकर आरोप लगाए और दावा किया कि इसका असर कथित मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमलों और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में दिखाई देता है.
Hormuz और Bab-el-Mandeb को लेकर अपील
शहबाज शरीफ ने होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन रास्तों को खुला रखने की अपील की.
उन्होंने कहा कि इन समुद्री मार्गों के बाधित होने का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है.