Serbia Election: पुतिन के करीबी वुचिच को बड़ा झटका, छात्र गठबंधन की जीत के दावे के बाद सड़कों पर उतरे लोग
सर्बिया की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने की खबर सामने आई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाने वाले सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच को चुनाव में झटका लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के गठबंधन ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने जीत हासिल की है। इस घटनाक्रम के बाद राजधानी बेलग्रेड में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और जश्न मनाया।
भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ लामबंद हुए छात्र
सर्बिया में छात्र पिछले करीब दो वर्षों से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन में भ्रष्टाचार और सरकार के कथित तानाशाही रवैये को लेकर सवाल उठाए गए। छात्रों के गठबंधन ने इसी असंतोष को चुनावी मुद्दा बनाया और सरकार को चुनौती दी।
रिपोर्ट में वुचिच के हवाले से बताया गया है कि 250 सदस्यीय संसद में छात्र गठबंधन को कम से कम 135 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उनकी पार्टी के खाते में करीब 105 सीटें जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन आंकड़ों और चुनाव के अंतिम नतीजों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
2012 से सर्बियाई राजनीति में प्रभावशाली रहे वुचिच
अलेक्जेंडर वुचिच लंबे समय से सर्बिया की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। वर्ष 2012 से उनका राजनीतिक प्रभाव लगातार बना रहा है। वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, दोनों पदों पर रह चुके हैं। रूस के साथ उनके करीबी संबंधों के कारण भी उनकी राजनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है।
छात्र आंदोलन के बढ़ते प्रभाव और चुनावी नतीजों से जुड़े दावों ने अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेलग्रेड में युवाओं ने मनाया जश्न
चुनाव में वुचिच की हार की खबर सामने आने के बाद राजधानी बेलग्रेड में हजारों लोग सड़कों पर दिखाई दिए। इनमें बड़ी संख्या युवाओं की बताई गई। लोगों ने सर्बिया के राष्ट्रीय झंडे लहराए, गाड़ियों के हॉर्न बजाए और पटाखे जलाकर खुशी जाहिर की।
छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए यह घटनाक्रम लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, चुनाव परिणामों की अंतिम स्थिति और सरकार गठन की प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा कि इस राजनीतिक बदलाव का सर्बिया की सत्ता पर क्या असर पड़ेगा।