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हूती विद्रोहियों के हमलों से डरे सऊदी क्राउन प्रिंस! आलीशान महल छोड़ बार-बार बदल रहे ठिकाना, सुरक्षा बढ़ाई गई

 

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ने का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से हमलों के खतरे के बीच उन्हें अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ रही है और सुरक्षित ठिकानों पर रहने की नौबत आ गई है। दावा है कि करोड़ों रुपये के आलीशान महलों के बावजूद सुरक्षा कारणों से उन्हें बार-बार अपना ठिकाना बदलना पड़ रहा है।वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई इन खबरों के बीच सऊदी अरब के शाही महलों, तेल प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, क्राउन प्रिंस के बंकरों में रहने और रियाद एयरपोर्ट पर हुए कथित हमलों से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

क्राउन प्रिंस की सुरक्षा के लिए खास गार्ड तैनात

रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से चुने गए गार्ड तैनात हैं। हूती विद्रोहियों से संभावित खतरे को देखते हुए सऊदी अरब अपने महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी मजबूत कर रहा है।इसके तहत मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोकने वाले एयर डिफेंस सिस्टम को अलग-अलग स्थानों पर तैनात करने की बात कही गई है। सऊदी अरब के लिए हवाई अड्डों और तेल ठिकानों की सुरक्षा खास महत्व रखती है, क्योंकि इन पर हमले होने से आम नागरिकों के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

अक्टूबर में सऊदी एयरपोर्ट पर हमलों का दावा

उपलब्ध रिपोर्ट में अक्टूबर के पहले पखवाड़े के दौरान सऊदी अरब के कई हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं का जिक्र किया गया है।

  • 6 अक्टूबर: जजान और नजरान के एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई। खामिस मुशैत की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस द्वारा रोकने का दावा किया गया।

  • 7 अक्टूबर: रियाद और अभा के एयरपोर्ट पर हमलों की खबर आई। रिपोर्ट में तीन विदेशी नागरिकों की मौत और 36 लोगों के घायल होने का उल्लेख है।

  • 8 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर एक और हमले की जानकारी दी गई। इसमें तीन सऊदी नागरिकों की मौत और सरकारी एयरलाइन सऊदिया के एक विमान को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया।

  • 10 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर कथित मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई है। इसके बाद उड़ानें रोके जाने का भी दावा किया गया।

  • 11 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट के पास मिसाइल या ड्रोन गिरने की खबर आई। रिपोर्ट के मुताबिक, एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए।

इन घटनाओं से जुड़े हताहतों के आंकड़ों और एयरपोर्ट बंद होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसलिए इन्हें पुष्ट तथ्यों के बजाय रिपोर्ट में किए गए दावों के रूप में देखना चाहिए।

2015 से जारी है सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष

यमन में हूती विद्रोहियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य अभियान शुरू किया।

सऊदी अरब का उद्देश्य हूतियों के प्रभाव को कम करना और यमन की सरकार को फिर से मजबूत करना था। लेकिन कई वर्षों तक चले संघर्ष के बावजूद हूती विद्रोहियों को पूरी तरह पराजित नहीं किया जा सका।

हूती यमन के बड़े हिस्से में अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। उनके पास मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं भी हैं, जिनका इस्तेमाल क्षेत्रीय संघर्ष में किया गया है। इस संघर्ष का असर यमन की सीमाओं से बाहर भी महसूस किया गया है और सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं।

आलीशान जिंदगी के लिए भी मशहूर हैं मोहम्मद बिन सलमान

मोहम्मद बिन सलमान अपनी राजनीतिक भूमिका के साथ-साथ महंगी संपत्तियों, आलीशान महलों, सुपरयॉट और कला संग्रह से जुड़े चर्चित दावों के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी संपत्ति से संबंधित कई आंकड़े मीडिया रिपोर्टों और किताबों पर आधारित हैं; सभी खरीदारी के विवरण और कीमतों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

1. मालदीव के रिसॉर्ट पर करोड़ों खर्च करने का दावा

लेखक जस्टिन शेक की किताब ब्लड एंड ऑयल के मुताबिक, जुलाई 2015 में मोहम्मद बिन सलमान ने मालदीव के वेला रिसॉर्ट को एक महीने के लिए लगभग 474 करोड़ रुपये में किराए पर लिया था। रिपोर्ट में पिटबुल, साइ और डीजे अफ्रोजैक जैसे कलाकारों के कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया है।

इस कथित आयोजन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पार्टी को तय अवधि से पहले समाप्त किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई थी।

2. दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग में शामिल ‘साल्वेटर मुंडी’

लियोनार्डो दा विंची से जुड़ी पेंटिंग साल्वेटर मुंडी वर्ष 2017 में करीब 450 मिलियन डॉलर में नीलाम हुई थी। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत उस समय लगभग 4,268 करोड़ रुपये के आसपास बताई गई थी।

इस पेंटिंग की खरीद से मोहम्मद बिन सलमान का नाम जोड़ा गया था। हालांकि, अबू धाबी के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने इसे खरीदने का दावा किया था। इसलिए पेंटिंग के अंतिम लाभकारी मालिकाना हक को लेकर रिपोर्टों में अंतर रहा है।

3. फ्रांस में आलीशान हवेली

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2015 में फ्रांस के वर्साय के पास स्थित एक भव्य संपत्ति की खरीद से भी मोहम्मद बिन सलमान का नाम जुड़ा था। इसकी कीमत करीब 2848 करोड़ रुपये बताई गई थी।रिपोर्टों में इस संपत्ति के बड़े बगीचों, स्विमिंग पूल, सिनेमा हॉल और आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख मिलता है। इसे अपनी भव्य वास्तुकला के कारण पुराने शाही महलों जैसी दिखने वाली संपत्ति बताया गया है।

4. ‘सेरेन’ सुपरयॉट की खरीद

मोहम्मद बिन सलमान का नाम ‘सेरेन’ नाम की लग्जरी सुपरयॉट की खरीद से भी जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 2015 में फ्रांस में छुट्टियों के दौरान इस यॉट को पसंद किया था और इसे लगभग 5472 करोड़ रुपये में खरीदा था।इस सुपरयॉट में हेलिपैड और पानी के भीतर के नजारे देखने जैसी विशेष सुविधाओं का उल्लेख किया जाता है। हालांकि, खरीद मूल्य से जुड़े अलग-अलग दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना जरूरी है।

5. नियोम में शाही महल और निजी सुविधाएं

सऊदी अरब के नियोम क्षेत्र में लाल सागर के किनारे शाही आवासों और आलीशान सुविधाओं की योजनाओं का भी जिक्र होता रहा है। मीडिया रिपोर्टों में मोहम्मद बिन सलमान से जुड़े एक भव्य महल का उल्लेख किया गया है, जिसमें निजी समुद्र तट, बड़े बगीचे और हेलिकॉप्टर उतारने की सुविधाएं होने का दावा किया गया है।

अब सुरक्षा को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। यदि सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमलों के दावे सही साबित होते हैं, तो इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।हालांकि, मोहम्मद बिन सलमान के बंकरों में रहने, लगातार ठिकाना बदलने और अक्टूबर में हुए हमलों के विशिष्ट आंकड़ों की पुष्टि विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोतों से होना जरूरी है। फिलहाल, इस पूरे मामले में रिपोर्टों में किए गए दावों और आधिकारिक रूप से पुष्टि किए गए तथ्यों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है।