सऊदी अरब ने परमाणु बम का विकल्प खुला रखा? वीडियो में जाने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से बढ़ी हलचल
सऊदी अरब के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक नई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी खुफिया समुदाय के एक आकलन के मुताबिक, सऊदी अरब ने परमाणु हथियार विकसित करने के विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। यह आकलन अमेरिकी कांग्रेस को उपलब्ध कराए गए वर्गीकृत दस्तावेजों में शामिल है। रिपोर्ट के सामने आने के बाद सऊदी अरब के साथ अमेरिका के नागरिक परमाणु सहयोग समझौते को लेकर अमेरिकी सांसदों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। दरअसल, अमेरिका और सऊदी अरब ने जुलाई 2026 में नागरिक परमाणु सहयोग को लेकर एक समझौ किया था। इस समझौते के तहत सऊदी अरब में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के विकास और अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खुला है। समझौते में सऊदी अरब के लिए परमाणु ईंधन के घरेलू उत्पादन और यूरेनियम संवर्धन की संभावनाओं से जुड़े प्रावधान भी चर्चा में हैं।
अमेरिकी खुफिया आकलन ने इसी वजह से अमेरिकी कांग्रेस में बहस तेज कर दी है। कुछ सांसदों को आशंका है कि नागरिक परमाणु कार्यक्रम के तहत मिलने वाली तकनीकी क्षमता भविष्य में सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। हालांकि, यह रिपोर्ट इस बात का सबूत नहीं है कि सऊदी अरब ने परमाणु हथियार बनाने का फैसला कर लिया है या वह वर्तमान में ऐसा हथियार विकसित कर रहा है। आकलन का मुख्य बिंदु यह है कि रियाद ने इस विकल्प को पूरी तरह बंद नहीं किया है।अमेरिकी विदेश विभाग ने इस आशंका के बीच कहा है कि अमेरिका सऊदी परमाणु हथियार कार्यक्रम का सर्थन नहीं करता और न ही करेगा। वहीं सऊदी ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान पहले कह चुके हैं कि देश का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और इसे जिम्मेदारी तथा पारदर्शिता के साथ विकसित किया जाएगा।
सऊदी अरब के परमाणु रुख को लेकर मोहम्मद बिन सलमान का 2018 का बयान भी अक्सर चर्चा में आता है। उन्होंने तब कहा था कि अगर ईरान परमाणु बम विकसित करता है तो सऊदी अरब भी ऐसा करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, यह एक पुराना सार्वजनिक बयान है और इसे मौजूदा समय में सऊदी अरब के किसी फैसले के बराबर नहीं माना जा सकता।वर्तमान घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम एशिया में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ऐसे में सऊदी अरब को घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की क्षमता मिलने की संभावना क्षेत्रीय परमाणु प्रसार को लेकर नई बहस को जन्म दे रही है। अमेरिकी कांग्रेस फिलहाल परमाणु सहयोग समझौते की समीक्षा कर रही है और आने वाले समय में इस पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।