कतर ने ट्रंप को गिफ्ट किया उड़ने वाला लग्जरी होटल! 3.8 लाख करोड़ रुपये के जेट की सुविधाएं जान रह जाएंगे दंग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया 'एयर फोर्स वन' विमान पेश किया है। यह विमान पहले कतर के शाही परिवार का था। यह एक बोइंग 747-8 जेट है जिसे अब अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया गया है। खबरों के मुताबिक, यह नया विमान मौजूदा 'एयर फोर्स वन' से काफी बड़ा है।
ट्रंप ने कहा कि वह अगले महीने तुर्की की राजधानी अंकारा में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन में इसी विमान से जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में चीन की संभावित यात्रा के लिए भी इस विमान का इस्तेमाल किया जा सकता है। ट्रंप ने बताया कि फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन से उनकी वापसी मौजूदा 'एयर फोर्स वन' की आखिरी तय यात्रा थी। उन्होंने कहा कि नया 'एयर फोर्स वन' 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक खास उड़ान भरता हुआ दिखाई देगा।
AIR FORCE ONE | 25-3300@USAirForce✈️🇺🇸🦅 pic.twitter.com/pMqxY3twkM
— Dan Scavino (@Scavino47) June 20, 2026
**नए बोइंग विमान के आने तक काम करेगा**
न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, कतर से लिया गया यह विमान कुछ समय के लिए राष्ट्रपति के विमान के तौर पर काम करेगा। इसे "ब्रिज एयरक्राफ्ट" कहा जा रहा है। इसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल तब तक किया जाएगा जब तक बोइंग अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए नया विमान नहीं बना लेता। उम्मीद है कि नया बोइंग विमान 2028 तक मिल जाएगा।
**अंदर से कैसा होगा नया विमान?**
नए विमान का निचला हिस्सा गहरे नीले रंग का है और ऊपर लाल रंग की पट्टी है। विमान के पिछले हिस्से पर अमेरिका का बड़ा झंडा और राष्ट्रपति का सील (चिह्न) बना है। विमान का दौरा करने वाले पत्रकारों ने कहा कि यह किसी हवाई जहाज के बजाय एक आलीशान घर जैसा लगता है। इसके अंदर हल्की भूरी दीवारें, चमकदार सजावट, चांदी के रंग की फिनिशिंग और मजबूत लकड़ी की मेजें हैं। सीटबेल्ट पर भी राष्ट्रपति का सील बना है। विमान में एक बड़ा लाउंज, आरामदायक सोफे और मीटिंग व कॉन्फ्रेंस के लिए खास जगहें हैं। सीटों को पूरी तरह से बिस्तर में बदला जा सकता है। पत्रकारों के लिए तय प्रेस एरिया पुराने 'एयर फोर्स वन' की तुलना में दो से तीन गुना बड़ा है।
**कतर से मिले तोहफे पर विवाद**
कतर से इस महंगे विमान को लेने पर अमेरिका में विवाद भी हुआ है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या किसी दूसरे देश से इतना महंगा तोहफा लेना सही है। अमेरिकी वायु सेना ने कहा कि विमान में सुरक्षा से जुड़े जरूरी बदलाव किए गए हैं। पहले जारी जानकारी के मुताबिक, इन बदलावों पर 40 करोड़ डॉलर (लगभग 3.8 लाख करोड़ रुपये) का खर्च आया है।