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ट्रम्प पर महाभियोग की तैयारी तेज, चुनावी हार के बाद डेमोक्रेट्स ने बढ़ाया दबाव

 

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग की तैयारी शुरू हो गई है। डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रम्प पर पद का इस्तेमाल अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने और संपत्ति बढ़ाने के लिए करने का आरोप लगाया है। हालांकि, महाभियोग की प्रक्रिया और उसके जरिए राष्ट्रपति को पद से हटाना एक अलग संवैधानिक प्रक्रिया है।

न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा है कि ट्रम्प के राष्ट्रपति रहते उनकी और उनके परिवार की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी की जांच की जाएगी। जांच में ट्रम्प के बेटों और उनके दामाद जेरेड कुशनर से जुड़े कारोबारी सौदों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

गार्सिया ने जांच के लिए पांच प्रमुख मुद्दे तय किए हैं। इनमें ट्रम्प परिवार के कारोबारी सौदे, जेफ्री एपस्टीन मामले की जांच में ट्रम्प प्रशासन की भूमिका और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की छापेमारी व कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं।

चुनाव में डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त

मिडटर्म चुनाव के बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बढ़त बनाई है। 435 सदस्यीय हाउस में सभी सीटों पर चुनाव हुआ। उपलब्ध नतीजों के मुताबिक डेमोक्रेट्स ने 242 और रिपब्लिकन ने 151 सीटें जीती हैं, जबकि 42 सीटों पर मतगणना जारी है।

सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुआ। अब तक 33 सीटों के नतीजे आए हैं, जिनमें डेमोक्रेट्स ने 20 और रिपब्लिकन ने 13 सीटें जीती हैं। दो सीटों पर मतगणना जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार डेमोक्रेट्स के पास 54 और रिपब्लिकन के पास 44 सीटें हैं।

गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स को बढ़त मिली है। 36 में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। इनमें 22 डेमोक्रेटिक और 12 रिपब्लिकन उम्मीदवार जीते हैं, जबकि दो राज्यों में मतगणना जारी है।

ICE कार्रवाई से रिपब्लिकन को नुकसान का दावा

इंडियाना के रिपब्लिकन सांसद मार्लिन स्टुट्जमैन ने भी माना कि ICE की सख्त कार्रवाई ने चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाया। CNN के मुताबिक, उन्होंने कहा कि डिपोर्टेशन और अवैध प्रवासियों को देश से निकालने पर लगातार जोर देने से लैटिन अमेरिकी वोटर रिपब्लिकन पार्टी से दूर हुए।

स्टुट्जमैन ने कहा कि दक्षिणी सीमा की सुरक्षा का मुद्दा उठाना सही था, लेकिन इमिग्रेशन को लेकर पार्टी का संदेश कुछ मतदाताओं के बीच नकारात्मक असर डाल गया। इस चुनावी झटके के बाद अब ट्रम्प प्रशासन की नीतियों और उनके व्यक्तिगत कारोबारी हितों को लेकर डेमोक्रेट्स का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।