PoK Protest: 'हम भारत के एजेंट नहीं, अपने हक के लिए लड़ रहे हैं', POK में प्रदर्शन के बीच इंटरनेट बंद; हालात बिगड़े
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन अब बड़े संकट का रूप लेता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी बाहरी ताकत के इशारे पर नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और स्थानीय मुद्दों को लेकर है। उनका कहना है, "हम इंडिया के एजेंट नहीं हैं, हम अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।"
यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, सड़कें प्रभावित हैं और आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, पुंछ और कोटली जैसे इलाकों में संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
JAAC की अगुवाई में चल रहा प्रदर्शन
PoK में यह आंदोलन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुवाई में चल रहा है। प्रदर्शनकारी कई मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। इनमें विधानसभा में कश्मीरियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग भी शामिल है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है और आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बंद करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
इंटरनेट बंद, कारोबार और सेवाएं प्रभावित
प्रदर्शन शुरू होने के बाद से कई इलाकों में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं के प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। इसके चलते लोगों को ऑनलाइन सेवाओं, कारोबार और जरूरी सूचनाओं तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, अस्पतालों में मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं और कई जगहों पर जरूरी सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
मौतों को लेकर अलग-अलग दावे
प्रदर्शन के दौरान हिंसा और झड़पों में कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों और प्रशासन की ओर से मौतों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की बात कही गई है, जबकि आधिकारिक आंकड़े अलग हैं।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ा तनाव
PoK प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाई है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय अधिकारों और सुविधाओं के लिए आवाज उठा रहे हैं।
प्रदर्शन के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़क बंद होने और संचार व्यवस्था बाधित होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
दुनिया की नजर PoK के हालात पर
PoK में चल रहे इस आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। इंटरनेट बंद होने और मीडिया पहुंच सीमित होने के कारण वहां के हालात की पूरी जानकारी बाहर आने में मुश्किलें आ रही हैं।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में बातचीत और सरकार की प्रतिक्रिया से तय होगा कि यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।