SCO Summit से पहले PM मोदी का बड़ा संदेश, आतंकवाद पर भारत ने साफ किया अपना रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की यात्रा पर रवाना हो गए हैं. 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में प्रधानमंत्री पहले ताशकंद जाएंगे और इसके बाद किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. दौरे से पहले पीएम मोदी ने मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भारत की प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मध्य एशिया के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है. इसके लिए व्यापार, निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. वहीं SCO के मंच से भारत आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की बात आगे बढ़ाएगा.
ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी 29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में रहेंगे. इस दौरान वह राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी.
बैठक में व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री के मुताबिक हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अब इसे नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा.
शास्त्री स्मारक भी जाएंगे पीएम मोदी
ताशकंद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी शास्त्री स्मारक का दौरा करेंगे. इसके अलावा वह ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थित महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे.
प्रधानमंत्री ने इन स्थानों को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों का प्रतीक बताया है. दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संपर्क लंबे समय से चले आ रहे हैं और भारत अपनी इस साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है.
बिश्केक में होगी SCO की अहम बैठक
उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे. वहां वह राष्ट्रपति सद्यर जापारोव के निमंत्रण पर 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं. भारत 2017 से इस संगठन का सक्रिय सदस्य है और क्षेत्रीय सुरक्षा व सहयोग से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी भूमिका निभाता रहा है.
सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर भारत का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि SCO सम्मेलन में भारत क्षेत्र के लिए अपनी सोच को आगे बढ़ाएगा. भारत की प्राथमिकता सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित एक ऐसा क्षेत्र तैयार करना है, जहां आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा मिले.
भारत मध्य एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने को भी महत्वपूर्ण मानता है. व्यापार और निवेश के साथ डिजिटल संपर्क और ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है.
आतंकवाद के खिलाफ पीएम मोदी का कड़ा संदेश
SCO शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर भारत का रुख स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि भारत सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने के लिए काम करेगा जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो.
प्रधानमंत्री के मुताबिक ये चुनौतियां भारत के पड़ोस के साथ-साथ व्यापक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं. ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सामूहिक कार्रवाई SCO के एजेंडे में अहम मुद्दा हो सकती है.
भारत के लिए यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है. ताशकंद में उज्बेकिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी और बिश्केक में SCO के मंच पर क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों को आगे बढ़ाकर प्रधानमंत्री मोदी मध्य एशिया में भारत की भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे.