नीदरलैंड्स दौरे पर PM मोदी ने रखा ‘नए भारत’ का विजन, बोले– भारत बनेगा ग्लोबल ग्रोथ इंजन
नीदरलैंड्स दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सामने “नए भारत” का स्पष्ट और महत्वाकांक्षी विजन पेश किया। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब केवल तेजी से विकास करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी दिशा तय करने वाला “ग्लोबल ग्रोथ इंजन” बनता जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की बदलती छवि, आर्थिक मजबूती और तकनीकी प्रगति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में जिस तेजी से प्रगति की है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत छोटे लक्ष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े और वैश्विक प्रभाव वाले उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ रहा है। भारत अब उन क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जो भविष्य की दुनिया को आकार देंगे।
प्रधानमंत्री ने ओलंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजन किसी भी देश की क्षमता, संगठनात्मक शक्ति और विकास मॉडल को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसे आयोजनों के लिए पूरी तरह तैयार है और यह उसकी बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंडिया मिशन को भारत की नई ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप हब्स में से एक है, जहां युवा नवाचार और तकनीक के माध्यम से नए समाधान तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया ने देश के प्रशासन, बैंकिंग और सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों में सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले अंतरिक्ष मिशनों के जरिए दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का लोहा मनवाया है। आने वाले समय में भारत और अधिक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में आगे बढ़ेगा।
नीदरलैंड्स में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय देश की सॉफ्ट पावर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न केवल विदेशों में पहचान बनाई है, बल्कि भारत की छवि को भी मजबूत किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत की विदेश नीति और विकास दृष्टिकोण को और स्पष्ट करता है। ओलंपिक मेजबानी से लेकर तकनीकी नेतृत्व तक, भारत अब खुद को केवल भागीदार नहीं बल्कि वैश्विक दिशा तय करने वाले देश के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
इस दौरे के संदेश से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास, तकनीक और आर्थिक सहयोग के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।