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Pezeshkian UNGA Speech: न्यूयॉर्क पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति, UN भाषण पर दुनिया की नजर; ट्रंप से मुलाकात पर सस्पेंस
 

 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। 23 सितंबर को उनका UN महासभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के साथ-साथ पर्दे के पीछे कूटनीतिक संपर्क भी जारी है। 
अमेरिका ने पजशकियान और अराघची समेत ईरान के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को UNGA में शामिल होने के लिए वीजा दिया है। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल की न्यूयॉर्क में आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। 

पजशकियान-ट्रंप की मुलाकात होगी या नहीं?
पजशकियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय एक ही शहर में हैं, लेकिन दोनों नेताओं के बीच औपचारिक बैठक अभी तय नहीं है। हालांकि, न्यूयॉर्क में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत जरूर हुई है।
22 सितंबर को ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी प्रतिनिधियों के साथ करीब तीन घंटे तक चर्चा की। ट्रंप ने इस बातचीत को अच्छा बताते हुए आगे समझौते की दिशा में गति होने की बात कही। 
ऐसे में पजशकियान के UN भाषण से यह संकेत मिलने की उम्मीद है कि ईरान अमेरिका के साथ आगे की कूटनीति को किस तरह देखता है।
पजशकियान के भाषण में किन मुद्दों पर रहेगी नजर?
1. अमेरिका के साथ युद्ध और बातचीत पर क्या कहेंगे?
ईरानी राष्ट्रपति के भाषण में अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष का मुद्दा प्रमुख रह सकता है। पजशकियान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, ईरान पर दबाव और युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी शर्तों को किस तरह दुनिया के सामने रखते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।
ईरानी पक्ष ने हाल के दिनों में कूटनीति की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। न्यूयॉर्क में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल को बातचीत आगे बढ़ाने का अधिकार दिए जाने की बात भी सामने आई है। 
2. होर्मुज स्ट्रेट पर क्या संदेश देंगे?
होर्मुज स्ट्रेट इस समय अमेरिका-ईरान तनाव का एक अहम मुद्दा है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, तो ईरान करीब एक सप्ताह के भीतर इस रणनीतिक जलमार्ग को खोल सकता है। 
ऐसे में पजशकियान के भाषण में होर्मुज को लेकर कोई नया संकेत सामने आता है या नहीं, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।
3. ट्रंप प्रशासन के लिए क्या संदेश होगा?
पजशकियान और ट्रंप की आमने-सामने बैठक की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में UN का मंच ईरानी राष्ट्रपति के लिए अमेरिकी प्रशासन तक अपना संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है।

खास तौर पर अमेरिका से बातचीत, सैन्य दबाव कम करने और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर पजशकियान का रुख अहम माना जाएगा।
4. बातचीत की गुंजाइश कितनी है?
UNGA के दौरान अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच संपर्क होना यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का चैनल पूरी तरह बंद नहीं है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच कई गंभीर मतभेद अभी कायम हैं।
22 सितंबर को हुई अमेरिकी-ईरानी बातचीत के बाद ट्रंप ने समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीद जताई, जबकि ईरानी पक्ष ने अपनी शर्तों पर जोर दिया है। 
अमेरिका ने युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति को वीजा क्यों दिया?
पजशकियान का अमेरिका पहुंचना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दोनों देश इस समय सीधे सैन्य संघर्ष में हैं। इसके बावजूद अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को UNGA में शामिल होने की अनुमति दी।
अमेरिका ने अपने फैसले को UN मुख्यालय की मेजबानी से जुड़ी जिम्मेदारियों के संदर्भ में रखा है। 1947 के UN Headquarters Agreement के तहत अमेरिका को UN के आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को सामान्यतः पहुंच उपलब्ध करानी होती है। 
हालांकि, वीजा मिलने का मतलब यह नहीं है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को न्यूयॉर्क में बिना किसी प्रतिबंध के घूमने की अनुमति है।
न्यूयॉर्क में ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर सख्त पाबंदियां
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार ईरान का मुख्य प्रतिनिधिमंडल यात्रा संबंधी प्रतिबंधों के तहत रहेगा। उसके सदस्यों की आवाजाही सीमित स्थानों तक रखी गई है और कुछ लग्जरी सामान की खरीद पर भी रोक है। इस साल प्रतिनिधिमंडल को पिछले वर्षों की तुलना में छोटा रखा गया है। 
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही UN मुख्यालय, ईरान के UN मिशन, राजदूत के आवास और JFK एयरपोर्ट जैसे निर्धारित स्थानों तक सीमित रहेगी। 
UNGA में ईरान की कूटनीतिक कोशिश पर नजर
पजशकियान का न्यूयॉर्क दौरा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक तरफ सैन्य तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ मध्यस्थों के जरिए बातचीत भी चल रही है।
अमेरिका-ईरान अधिकारियों की हालिया तीन घंटे की बातचीत और होर्मुज को लेकर ईरान की पेशकश ने कूटनीतिक गतिविधियों को नया महत्व दिया है। अब पजशकियान के UN भाषण से यह स्पष्ट होने की उम्मीद रहेगी कि तेहरान आगे की बातचीत, युद्धविराम और क्षेत्रीय तनाव को लेकर दुनिया के सामने क्या रुख रखता है।