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इजराइल को मान्यता देने से पाकिस्तान का साफ इनकार, वीडियो में रक्षा मंत्री बोले- ‘हम अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे’

 

पाकिस्तान ने एक बार फिर इजराइल को मान्यता देने की संभावना से साफ इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका देश अपनी मौलिक विचारधाराओं और सिद्धांतों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसे देश के साथ संबंध सामान्य नहीं कर सकता, जिसकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज है। कई इस्लामिक देशों द्वारा इजराइल के साथ संबंध बेहतर किए जाने के बीच पाकिस्तान ने अपना रुख दोहराते हुए कहा है कि उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आने वाला।

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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा, “हम उन लोगों के साथ कैसे बैठ सकते हैं जिनकी बात पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता।” उन्होंने इजराइल पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा फिलिस्तीन के समर्थन में खड़ा रहा है और आगे भी खड़ा रहेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति उसके वैचारिक आधार और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप तय होती है।पाकिस्तान दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जिन्होंने अब तक इजराइल को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है। खास बात यह है कि पाकिस्तानी पासपोर्ट पर साफ तौर पर लिखा होता है कि यह दस्तावेज “इजराइल के लिए मान्य नहीं है।” रक्षा मंत्री ने इसी बात का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान का रुख पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है और इसमें किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बयान घरेलू राजनीति और मुस्लिम देशों में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। पाकिस्तान लंबे समय से फिलिस्तीन मुद्दे पर खुद को मुखर समर्थक के रूप में पेश करता रहा है। वहीं देश के भीतर भी इजराइल के साथ रिश्तों को लेकर विरोधी भावनाएं काफी मजबूत मानी जाती हैं।हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कई बार ऐसी खबरें सामने आई थीं कि पाकिस्तान पर्दे के पीछे इजराइल के साथ संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया था कि दोनों देशों के बीच बैक-चैनल बातचीत हुई थी, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने सार्वजनिक रूप से हमेशा इन खबरों से दूरी बनाई है।

दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में बदलते समीकरणों के बीच संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को जैसे देशों ने इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य किए हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान अब भी अपने पुराने रुख पर कायम नजर आ रहा है। ख्वाजा आसिफ के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल पाकिस्तान इजराइल को मान्यता देने के पक्ष में नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में बदलती वैश्विक राजनीति और पश्चिम एशिया के हालात पाकिस्तान की नीति को किस हद तक प्रवित कर पाते हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख पूरी तरह कठोर और स्पष्ट दिखाई दे रहा है।