जानें कौन हैं साहिर शमशाद मिर्जा? जो आसिम मुनीर के बाद बन सकते हैं पाकिस्तानी सेना के प्रमुख
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना दो फाड़ हो गई है। सबसे पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर आक्रमण किया और उसे मार गिराया। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भारत पर हमला करने की कोशिश की लेकिन हर हमला नाकाम कर दिया गया। उनकी 8 मिसाइलें और लड़ाकू विमान मार गिराये गये। इसके अलावा पाकिस्तानी वायुसेना के 'अवाक्स' को भी नष्ट कर दिया। तब से पाकिस्तानी सेना को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। वह दुनिया के सामने आ चुका है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तानी सेना दो भागों में बंट गई है। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को हिरासत में ले लिया गया है। उन पर निजी एजेंडा चलाने का आरोप है। जल्द ही उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। कहा जा रहा है कि उनके बाद साहिर शमशाद मिर्जा को नया सेना प्रमुख बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन हैं शमशाद मिर्जा।
साहिर शमशाद मिर्जा को शाहबाज शरीफ का करीबी माना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्ज़ा संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेसीएससी) के अध्यक्ष हैं। करीब तीन साल पहले उन्हें सेना प्रमुख बनने की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था, लेकिन तब असीम मुनीर बाजी मार गए थे। उन्होंने पाकिस्तानी सेना में चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (सीजीएस) के पद पर भी कार्य किया है। इससे पहले वह सैन्य अभियान महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनके माता-पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गयी थी। वह अपनी यूनिट का नाम अपने माता-पिता के कॉलम में लिखते थे। उन्होंने सिंध रेजिमेंट में सेवा की है। वह जनरल मुख्यालय में जनरल शरीफ की कोर टीम का हिस्सा थे।
पाकिस्तानी सेना पर सूचना लीक करने का आरोप
आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। पाकिस्तानी सेना पर आतंकवादियों के ठिकानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भारत को लीक करने का आरोप है। भारत ने इस विशेष अभियान के जरिए पाकिस्तान में आतंकवादियों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया था। इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया गया। जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गये। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया।
शोक संदेश जारी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने एक बड़ा आरोप लगाया। टीटीपी ने शोक संदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि इस हमले की जानकारी पाकिस्तान की "देशद्रोही" और "पश्चिम समर्थक" सेना द्वारा भारत को दी गई थी। टीटीपी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने हमेशा इस्लामवादियों, धार्मिक विद्वानों और मुजाहिद्दीन का सफाया किया है।