☰
×

Pakistan Airspace: रूसी विमान को नहीं मिली मंजूरी, बांग्लादेश के रूपपुर प्लांट का न्यूक्लियर फ्यूल अटका
 

 

बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए रूस से भेजे जाने वाले न्यूक्लियर फ्यूल की सप्लाई में देरी हो गई है। 24 सितंबर को फ्यूल लेकर जाने वाली रूसी कार्गो फ्लाइट को पाकिस्तान के एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके चलते तय समय पर न्यूक्लियर फ्यूल बांग्लादेश नहीं पहुंच पाया।
अक्टूबर से फिर शुरू होगी फ्यूल की डिलीवरी
बांग्लादेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फकीर महबूब अनाम ने बताया कि विमान को पाकिस्तान के एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि इसकी सटीक वजह की जानकारी बांग्लादेश को नहीं दी गई थी।
बाद में पाकिस्तान हाई कमीशन ने मामले को तकनीकी और प्रक्रियात्मक मुद्दों से जुड़ा बताया। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वह बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है।
रोसाटॉम के मुताबिक, रूपपुर प्लांट के दूसरे यूनिट के लिए न्यूक्लियर फ्यूल की डिलीवरी अक्टूबर से शुरू होगी और दिसंबर तक अलग-अलग कार्गो फ्लाइट्स के जरिए इसे पहुंचाया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल सात फ्लाइट्स से फ्यूल की सप्लाई की जानी है।
कई देशों के एयरस्पेस से होकर पहुंचता है विमान
न्यूक्लियर फ्यूल ले जाने वाली फ्लाइट का निर्धारित रूट रूस से निकलकर मध्य एशिया के देशों के एयरस्पेस से होते हुए पाकिस्तान और भारत के रास्ते बांग्लादेश तक पहुंचता है। 24 सितंबर की उड़ान के लिए जरूरी एयरस्पेस क्लीयरेंस पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण डिलीवरी टालनी पड़ी।
रूपपुर परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित कार्यक्रम के तहत फ्यूल की डिलीवरी अक्टूबर की शुरुआत से शुरू हो सकती है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस देरी से फिलहाल परियोजना के बड़े शेड्यूल पर असर पड़ने की संभावना नहीं बताई गई है।


बांग्लादेश का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट
रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट बांग्लादेश का पहला परमाणु बिजलीघर है। यह पद्मा नदी के किनारे पाबना जिले के रूपपुर में बनाया जा रहा है। परियोजना में दो VVER-1200 रिएक्टर यूनिट हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,400 मेगावाट है। इसे रूस की रोसाटॉम की तकनीकी सहायता से विकसित किया जा रहा है।
परियोजना के पहले यूनिट के लिए शुरुआती न्यूक्लियर फ्यूल की खेप सितंबर 2023 में बांग्लादेश पहुंची थी। इस प्लांट को देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
बिजली संकट के बीच हुई फ्यूल सप्लाई में देरी
बांग्लादेश इस समय बिजली की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में रूपपुर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू होना देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मौजूदा फ्यूल शिपमेंट की देरी को अधिकारियों ने परियोजना की समयसीमा के लिए बड़ा व्यवधान नहीं बताया है।
रोसाटॉम ने स्पष्ट किया है कि बाकी न्यूक्लियर फ्यूल की सप्लाई संशोधित कार्यक्रम के तहत जारी रहेगी और दिसंबर 2026 तक डिलीवरी पूरी करने का लक्ष्य है।