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बांग्लादेश में भारत के ट्रांजिट कॉरिडोर का विरोध: नाहिद इस्लाम बोले- देश की जमीन भारत को नहीं देंगे, ढाका में लगे भारत विरोधी नारे

 

बांग्लादेश में भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की संभावित योजना को लेकर विरोध शुरू हो गया है। नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता और विपक्षी नेता नाहिद इस्लाम ने शुक्रवार को ढाका में आयोजित एक रैली में प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार पर भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की तैयारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जमीन भारत को नहीं दी जाएगी। इस मुद्दे को लेकर राजधानी ढाका में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।नाहिद इस्लाम ने रैली में कहा कि सरकार को बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को ट्रांजिट कॉरिडोर देने की तैयारी देश की संप्रभुता से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल भारत के हितों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।

क्या होता है ट्रांजिट कॉरिडोर?

ट्रांजिट कॉरिडोर का मतलब है कि एक देश दूसरे देश की जमीन, सड़क या परिवह नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपने किसी दूसरे हिस्से तक सामान पहुंचाता है। इससे परिवहन की दूरी कम हो सकती है और माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में लगने वाला समय भी बचता है।भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक सामान पहुंचाने के लिए बांग्लादेश के रास्ते का इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इस तरह की व्यवस्था के लिए दोनों देशों के बीच सहमति और समझौते की जरूरत होती है।

गंगा जल समझौते पर भी सरकार को चेतावनी

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नाहिद इस्लाम ने गंगा जल समझौते को लेकर भी तारिक रहमान सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर समझौते को नए सिरे से तैयार करते समय बांग्लादेश के हितों का ध्यान नहीं रखा गया, तो लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे।उन्होंने सरकार से कहा कि भारत के साथ किसी भी समझौते में बांग्लादेश के नागरिकों और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। गंगा जल बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।

महंगाई और ईंधन संकट को लेकर भी प्रदर्शन

ढाका में आयोजित प्रदर्शन केवल भारत के साथ संभावित ट्रांजिट समझौते तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों ने देश में बढ़ती महंगाई, बिजली संकट और पेट्रोल-डीजल के साथ गैस की कमी को लेकर भी सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री और ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान भारत विरोधी नारे भी लगाए गए। रैली में 'दिल्ली नहीं, ढाका-ढाका' के नारे सुनाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय ऐसे फैसलों की तैयारी कर रही है, जिनसे देश के हित प्रभावित हो सकते हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस

ट्रांजिट कॉरिडोर और गंगा जल समझौते जैसे मुद्दे भारत और बांग्लादेश के आपसी संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। नाहिद इस्लाम के बयान और ढाका में हुए प्रदर्शन के बाद इन मुद्दों पर बांग्लादेश की राजनीति में बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, ट्रांजिट कॉरिडोर को लेकर तारिक रहमान सरकार की ओर से किसी अंतिम फैसले की जानकारी इस इनपुट में नहीं दी गई है।