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एक तरफ ट्रंप का 'शांति समझौता' का दावा, दूसरी तरफ रूस का ताबड़तोड़ प्रहार; जानिए क्या है जमीन पर असली सच?

 

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तुलना में शांति समझौता करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं। हालांकि, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के प्रस्ताव को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच सहमति पर अब भी सवाल बने हुए हैं।ट्रम्प ने 11 अक्टूबर को दावा किया था कि दोनों देश ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। लेकिन इसके दो दिन बाद यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस ने उसके छह ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में 33 लोग घायल हुए, जबकि अलग-अलग हमलों में कई यूक्रेनी नागरिकों की मौत हुई।

ट्रम्प बोले- इस महीने युद्ध में 32 हजार लोग मारे गए

डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अक्टूबर में अब तक युद्ध के दौरान 32 हजार लोग मारे जा चुके हैं। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि रूस और यूक्रेन ने ऊर्जा सीजफायर पर सहमति से इनकार किया है, तो ट्रम्प ने कहा कि दोनों देश सहमत हो गए हैं, क्योंकि उन्होंने खुद ऐसा कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध को खत्म करना जरूरी है।हालांकि, ट्रम्प ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस ने वास्तव में सीजफायर का उल्लंघन किया है या नहीं।

जेलेंस्की बोले- रूस ने हमले नहीं रोके तो देंगे जवाब

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। उनके मुताबिक, रूस ने सोमवार को यूक्रेन के छह ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया।जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेन अमेरिकी प्रस्ताव के तहत ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए रूस को भी समान कदम उठाना होगा।इससे पहले वारसॉ सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रखे, तो यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई करेगा। यूक्रेन के मुताबिक, अमेरिकी प्रस्ताव सामने आने के कुछ ही घंटों बाद पूर्वी यूक्रेन के एक बिजलीघर पर हमला हुआ।

रूस बोला- अस्थायी सीजफायर नहीं, स्थायी शांति चाहिए

रूस ने भी ऊर्जा सीजफायर लागू होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने के बजाय ऐसी शांति चाहता है, जो लंबे समय तक कायम रह सके।पेस्कोव के मुताबिक, यूक्रेन में चुनाव के दिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन सेना को गोलीबारी रोकने का आदेश दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि स्थायी शांति समझौते के लिए रूस किन शर्तों पर तैयार होगा।रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी जेलेंस्की को अस्थायी राहत देने का विरोध किया है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने की शर्तों पर अभी मतभेद बने हुए हैं।

कीव से खार्किव तक हमले, रिहायशी इमारतें भी निशाने पर

यूक्रेन के मुताबिक, रूस ने सोमवार को राजधानी कीव के एक रिहायशी इलाके में 25 मंजिला इमारत पर हमला किया। जेलेंस्की के अनुसार, इस हमले में दो लोगों की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए।खार्किव में रूसी गोलाबारी के कारण एक अपार्टमेंट इमारत का प्रवेश द्वार ढह गया, जिसमें पांच लोग घायल हुए। इसके अलावा, खार्किव क्षेत्र के लोजोवा शहर में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई।

पूर्वी डोनेत्स्क क्षेत्र के क्रामातोर्स्क के पास गोलाबारी में तीन लोगों की मौत हुई। वहीं, कीव के पास फास्टिव कस्बे और दक्षिण-पूर्वी शहर निप्रो में भी एक-एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी दी गई।इन हमलों के बीच रिहायशी इमारतों को हुए नुकसान और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रूस और यूक्रेन के लिए ऊर्जा ठिकाने क्यों हैं अहम?

रूस लंबे समय से यूक्रेन के बिजलीघरों और बिजली आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहा है। इससे बिजली की कमी पैदा होती है। सर्दियों में इसका असर घरों को गर्म रखने, अस्पतालों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है।दूसरी ओर, यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों और ईंधन उत्पादन से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करता रहा है। इससे रूस में पेट्रोल-डीजल उत्पादन और तेल कारोबार प्रभावित हो सकता है।रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि 2026 में यूक्रेनी हमलों के कारण रूस का डीजल उत्पादन करीब 30% घट गया है।

क्या अब खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध?

अमेरिका पिछले एक साल से दोनों देशों के बीच युद्ध रुकवाने के लिए बातचीत कर रहा है। इससे पहले भी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के प्रयास किए गए थे, लेकिन स्थायी सहमति नहीं बन पाई।फिलहाल, ट्रम्प शांति समझौते को लेकर उम्मीद जता रहे हैं, जबकि यूक्रेन रूस के हमले जारी रहने का आरोप लगा रहा है और रूस स्थायी समाधान की मांग कर रहा है। ऐसे में ऊर्जा सीजफायर वास्तव में लागू होता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।