उत्तर कोरिया का साफ संदेश- परमाणु हथियार नहीं छोड़ेंगे, फुटेज में जाने किम यो-जोंग ने बातचीत की कोशिशों को बताया बेवकूफी
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु हथियारों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को कहा कि देश अपने परमाणु हथियारों को बनाए रखेगा। उनके मुताबिक, ये हथियार उत्तर कोरिया की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। किम यो-जोंग ने परमाणु हथियार छोड़ने के लिए उत्तर कोरिया को मनाने की कोशिशों को ‘बेवकूफी भरी बात’ बताया। किम यो-जोंग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की जनरल कॉन्फ्रेंस चल रही है। इस दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और उसके परमाणु हथियारों को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
परमाणु हथियारों को सुरक्षा की गारंटी मानता है उत्तर कोरिया
किम यो-जोंग ने अपने बयान में संकेत दिया कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को देश की सुरक्षा से जोड़कर देखता है। उनका कहना है कि इन्हें छोड़ना उत्तर कोरिया की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर सकता है।उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाता रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय मानते हैं। वहीं प्योंगयांग लगातार यह दावा करता रहा है कि उसके परमाणु हथियार देश की रक्षा के लिए जरूरी हैं।
ट्रंप ने बातचीत की इच्छा जताई
किम यो-जोंग का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उत्तर कोरिया के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की इच्छा जताए जाने के बीच आया है। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान किम जोंग उन से तीन बार मुलाकात कर चुके हैं।ट्रंप और किम जोंग उन के बीच बातचीत को उस समय उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर गतिरोध खत्म करने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा गया था। हालांकि, दोनों देशों के बीच वार्ता से परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका।
2019 के बाद नहीं बढ़ी परमाणु वार्ता
अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच 2019 में हनोई में हुई बैठक के बाद परमाणु मुद्दे पर बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। उस बैठक में दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी।इसके बाद उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार छोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को जारी रखा। समय-समय पर उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइल परीक्षण और परमाणु क्षमता बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियां सामने आती रही हैं।ऐसे में किम यो-जोंग का ताजा बयान अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच संभावित भविष्य की बातचीत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप की ओर से बातचीत की इच्छा और प्योंगयांग की ओर से परमाणु हथियार छोड़ने से इनकार के बीच दोनों देशों के रुख में बड़ा अंतर बना हुआ है।